मोहब्बत में सिर्फ 'एक दिन' की खुशी
ट्रेलर की शुरुआत ऑफिस के एक दृश्य से होती है। जुनैद आईटी विभाग में हैं। साई पल्लवी भी उसी ऑफिस में हैं। उनके किरदार का नाम मीरा है। जुनैद खान का किरदार मीरा को मन ही मन पसंद करता है, लेकिन दिल की बात कहने की हिम्मत नहीं है। ऑफिस के टारगेट पूरे होने पर पूरी टीम को यह खुशी सेलिब्रेट करने पर पांच दिन के लिए जापान जाने का मौका मिलता है। यहां जुनैद खान और साई के बीच नजदीकी बढ़ती है। मीरा का साथ पाकर जुनैद की खुशी का ठिकाना नहीं, मगर झोल यह है कि यह खुशी सिर्फ एक दिन की होती है।
जापान में घंटी बजाकर मांगी दुआ और...
जापान पहुंचकर जुनैद को एक खास घंटी के बारे में पता चलता है। दुनियाभर से हारे आशिक इस घंटी को बजाकर अपनी किस्मत आजमाते हैं। जुनैद भी ऐसा करते हैं। दुआं में यहां तक कह देते हैं कि, 'काश मीरा मेरी हो जाए, चाहें एक दिन के लिए ही सही'। दुआ कबूल होती है। एक दिन के लिए मीरा उनकी होती है। दअअसल, जापान में मीरा की एक बीमारी का पता चलता है, जिसमें इंसान को शॉर्ट टर्म मैमोरी लॉस होता है। उस एक दिन मीरा और जुनैद एक-दूसरे के करीब आते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उस दिन की याद मीरा को कभी नहीं रहेगी। मगर, जुनैद उसी में अपनी जिंदगी जीते हैं।
क्या मोड़ लेगी मीरा और आईटी की जिंदगी?
मोहब्बत से भरे 'एक दिन' को जीने के बाद मीरा और आईटी (जुनैद) की जिंदगी क्या मोड़ लेती है। और, क्या इस कहानी का मोड़ होगा? यह देखना दिलचस्प होगा। बता दें कि ट्रेलर में जुनैद को उनके सहकर्मी आईटी कहकर पुकारते हैं। फिल्म के ट्रेलर को नेटिजंस से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। कुछ यूजर्स इसकी तुलना 'सैयारा' से कर रहे हैं, क्योंकि उस फिल्म में भी अनीत पड्डा के किरदार को भूलने वाली बीमारी थी।