अभिनय देव के निर्देशन में बनी फिल्म 'दूसरा' आज सिनेमाघरों में आ रही है, लेकिन यह फिलहाल विवादों में बनी हुई है। दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने इसकी रिलीज को रुकवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें सफलता नहीं मिली।
सौरव गांगुली
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आखिर क्यों अदालत पहुंचे सौरव गांगुली?
दरअसल, सौरव गांगुली और प्रोडक्शन हाउस लव फिल्म्स एलएलपी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि फिल्म ‘दूसरा’ में पूर्व भारतीय कप्तान की पहचान, लोकप्रियता और उनके क्रिकेट करियर से जुड़े ऐतिहासिक पलों का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
विवाद की मुख्य वजह वर्ष 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर भारत की ऐतिहासिक नेटवेस्ट सीरीज जीत और उसके बाद सौरव गांगुली का बालकनी में शर्ट उतारकर जश्न मनाने वाला मशहूर दृश्य है।
गांगुली की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि फिल्म के प्रचार में उनकी पहचान और क्रिकेट उपलब्धियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनके व्यक्तित्व और व्यावसायिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
अभिनय देव
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क्या है फिल्म ‘दूसरा’ की कहानी?
निर्देशक अभिनय देव की फिल्म 'दूसरा' में दो कहानियां देखने को मिलती है। पहली साल 1991 से 2001 के दौर और भारतीय क्रिकेट टीम के सफर पर आधारित है। इस फिल्म के क्लाइमेक्स में साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर हुई भारत की ऐतिहासिक नेटवेस्ट सीरीज की जीत दिखाई गई है। इस जीत के बाद भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी टी शर्ट उतारकर निडर होकर जश्न मनाया था। यह घटना फिल्म की कहानी में अहम भूमिका निभाती है।
दूसरी तरफ कहानी 'तारा' नाम की एक लड़की की है, जो एक रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक परिवार में पली-बढ़ी है। तारा बचपन से ही सौरव गांगुली को अपना आदर्श मानती है क्योंकि गांगुली भी अपने खेल में स्थापित परंपराओं और नियमों को चुनौती देते हैं। जब सौरव गांगुली लॉर्ड्स के मैदान पर निडर होकर जश्न मनाते हैं, तो यह पल टीवी पर देख रही तारा को भी समाज की बंदिशों, डर और पाबंदियों को पार करके सच बोलने और अपनी खुद की पहचान बनाने का साहस देता है।
प्लबिता बोरठाकुर
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फिल्म 'दूसरा' में किसने निभाया लीड रोल?
फिल्म में प्लाबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु लीड रोल में हैं। इसका निर्माण माशा सजदेह और रोहन सजदेह ने किया है, जबकि नीता शाह फिल्म की सह-निर्माता हैं। फिल्म की कहानी और पटकथा एग्नेलो ओसविन डायस ने लिखी है और संगीत राम संपत ने दिया है।