मेहुल कुमार, राजकुमार और गोविंदा
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आपने अशोक कुमार से लेकर मनोज बाजपेयी तक के साथ काम किया है। कलाकारों के साथ रिश्ते कैसे रहे?
दादा मुनि ने तो मेरे साथ पर-डे के हिसाब से काम किया था। उन्हें लगा शूट 10 दिन का होगा पर छह दिन में ही खत्म हो गया। मेरे से हंसते हुए बोले- ‘तेरे साथ अब कभी पर-डे के हिसाब से काम नहीं करूंगा।’ शबाना आजमी जी ने जब साथ काम किया ‘अनोखा बंधन’ में तो उन्होंने पूरी फिल्म में पुराने कपड़े ही पहने, क्योंकि फिल्म में उनका किरदार मध्यम वर्गीय परिवार की महिला का था। महमूद भाईजान ने तो अपनी आखिरी फिल्म मेरे साथ की थी। वो इंडस्ट्री में काम करना छोड़ चुके थे, पर मेरे कहने पर फिल्म ‘लव मैरिज’ में मेरे साथ काम किया। कहना यह चाहता हूं कि उस वक्त इंडस्ट्री में आपस में प्यार था। लोग एक-दूसरे का साथ देने के लिए हमेशा खड़े रहते थे और कहानी को प्राथमिकता दी जाती थी। अब तो सबकुछ धंधा बन गया है।
राज कुमार साहब के साथ जब पहली बार काम किया था तो कोई डर था?
हमने साथ में पहली बार फिल्म 'मरते दम तक' में साथ काम किया था। मैंने उन्हें कहानी सुनाने के लिए पहली बार फोन लगाया, बोला- राज कुमार साहब मैं मेहुल कुमार बोल रहा हूं। आपको एक फिल्म की कहानी सुनानी है। वहां से जवाब मिला- ‘कौन मेहुल कुमार?’ फिर मैंने उन्हें अपने बारे में बताया तो मिलने को राजी हुए। फिल्म की स्क्रिप्ट मैंने उन्हें उर्दू में लिखकर दी। उन्हें पसंद आई तो फिल्म करने को राजी हुए। मुहूर्त शॉट का दिन आया तो देखा राज साहब टैक्सी में आ रहे हैं। पूरे यूनिट में हंगामा हो गया। मैंने पूछा राज साहब आप टैक्सी में तो बोले- ‘गाड़ी खराब हो गई थी और पहले ही दिन सेट पर नहीं आता तो कहानियां बन जातीं इसलिए टैक्सी से चला आया।’
मेहुल कुमार, राजकुमार, गोविंदा और नाना पाटेकर
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नाना पाटेकर और राजकुमार या गोविंदा जैसे अलग-अलग तरह के कलाकारों के साथ एक फिल्म में काम करने पर कोई परेशानी आई?
नहीं मुझे कोई परेशानी नहीं आई। हां, ‘तिरंगा’ के वक्त मुझे इंडस्ट्री के कई लोगों ने कहा था कि ये फिल्म पूरी नहीं हो पाएगी। क्योंकि इसमें नाना पाटेकर और राज कुमार जैसे दो अलग-अलग मिजाज के लोग हैं। लेकिन हमने आराम से फिल्म पूरी की।
‘मरते दम तक’ से एक किस्सा गोविंदा के रूमाल का काफी मशहूर है, वो क्या है?
एक बार गोविंदा सिल्क का कोई शर्ट पहनकर आए थे, तो राज कुमार ने शर्ट की तारीफी की। तो गोविंदा ने वो शर्ट राज साहब को ही दे दी। राज साहब ने क्या किया कि वो उस शर्ट को फाड़कर उसका रूमाल बनाकर अगले दिन सेट पर लेकर आ गए। गोविंदा यह देखकर हैरान रह गए।