रणवीर को लेकर कोई ऐसा पल जो आपको खास लगा?
रणवीर को लेकर एक बात जो मेरे लिए बिल्कुल नई और सरप्राइजिंग थी, वह मैं जरूर शेयर करना चाहता हूं। जब हमारी फिल्म का आखिरी दिन था और शूट खत्म हो रहा था, रणवीर ने माइक लिया और सबके सामने कहा कि अगर यह फिल्म हजार करोड़ का बिजनेस करेगी, तो उसमें पांच सौ करोड़ का योगदान अकेले राकेश बेदी का होगा। उन्होंने यह बात बहुत प्यार और सम्मान के साथ कही थी, लेकिन मैं तुरंत बोल पड़ा कि भाई इतनी बड़ी जिम्मेदारी मुझ पर मत डालो।
अर्जुन रामपाल के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी रही?
आर. मधुवन के साथ मैंने कभी पहले काम नहीं किया था और इस फिल्म में भी मेरा उनके साथ कोई सीधा सीन नहीं है। लेकिन अर्जुन रामपाल के साथ मेरा बहुत पुराना रिश्ता है। शुरुआत से लेकर अब तक यह मेरे साथ उनकी लगभग पांचवीं फिल्म है। हमारी बहुत पुरानी दोस्ती है। संजय दत्त के साथ भी मैंने पहले काफी काम किया है। जब हम इस फिल्म में फिर से मिले तो ऐसा लगा जैसे पुराने दोस्त दोबारा मिल गए हों। पुरानी बातें याद आने लगीं और वही अपनापन फिर से लौट आया। इतने वर्षों बाद जब मैं संजय से मिला तो मैंने उनमें बड़ा बदलाव महसूस किया। उनमें अब बहुत ठहराव आ गया है। वह जिंदगी को लेकर ज्यादा फिलॉसॉफिकल हो गए हैं। मैंने उनमें एक नई तरह की गंभीरता और संयम देखा। वह अब पहले से ज्यादा डिसिप्लिन्ड हो गए हैं और उनकी विनम्रता की तो कोई सीमा ही नहीं है। मुझे लगता है यह सब उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला है। उनके पिता हर इंसान से बहुत प्यार करते थे। मैं उन्हें भी बहुत अच्छे से जानता था। वही संस्कार संजय में भी साफ दिखाई देते हैं। उनके साथ काम करना हमेशा बहुत अच्छा अनुभव रहा है।