कैप्शन में लिखी दिल की बात
रविवार को, उन्होंने उस समय के दो पत्रों की तस्वीरें पोस्ट कीं, साथ ही एक दिल को छू लेने वाला कैप्शन भी लिखा। उन्होंने लिखा 'मेरे माता-पिता को लिखा यह पत्र 3 दिसंबर 1998 का है। यह पत्र तब का है जब मुझे मुंबई आए हुए एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था। तब ईमेल नहीं होते थे। तब से अब तक यह सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। भगवान की कृपा रही है। अपने 23 साल के उस रूप को धन्यवाद देना चाहता हूं जिसने उम्मीद नहीं छोड़ी। मां-पापा को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद।'
खत में क्या लिखा?
ये चिट्ठियां अभिनेता के शुरुआती संघर्षों की एक झलक पेश करती हैं। इनमें से एक में उन्होंने लिखा था, 'प्यारी मम्मी और पापा, आप लोग कैसे हैं? मैं यहां बिल्कुल ठीक हूं। पैसे के मामले में अभी तक कुछ खास नहीं हुआ है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। दिल्ली के मुकाबले यहां काम बहुत ज्यादा है।'
गौरव ने खत में लिखी भावुक बात
अपनी जीवनशैली के बारे में बताते हुए उन्होंने लिखा 'मैं जिस जगह रहता हूं, वह एक छोटा-सा कॉटेज है और यह मेरी जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगा। अगर मैं और राजेश मिलकर किराया दें, तो हम एक ही बार में 11 महीनों का किराया चुका सकते हैं। दूसरे खर्चों में टेलीफोन, बिजली, गैस, पानी के बिल और खाने-पीने का खर्च शामिल है। मम्मी और पापा, मेरा भविष्य बहुत उज्ज्वल है, लेकिन मुझे अभी भी बहुत कुछ सीखना बाकी है। सही लोगों से जान-पहचान बनाने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए प्लीज मेरी बात को समझिए। मैं आप लोगों की जेब पर थोड़ा भारी पड़ूंगा, लेकिन मेरा यकीन कीजिए, ज्यादा दिनों तक ऐसा नहीं रहेगा।' उनकी पोस्ट को पढ़ कर कई यूजर्स भावुक हो गए।