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Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: दिल्ली हाई कोर्ट में राजपाल यादव की अपील खारिज, क्या अभिनेता फिर जाएंगे जेल?

Fri, 10 Jul 2026 02:43 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: अभिनेता राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये चेक बाउंस मामले में झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आज शुक्रवार को उनकी सजा बरकरार रखी है।
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राजपाल यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव की अपील खारिज हो गई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को चेक बाउंस के मामलों में अभिनेता राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा और उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है। ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राजपाल यादव की अपील खारिज कर दी गई है।

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क्या फिर जेल जाएंगे राजपाल यादव?
राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल, अभिनेता ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की थी। मगर, उनकी अपील खारिज कर दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े मामले में अभिनेता की सजा को बरकरार रखा है। ऐसे में सवाल है कि क्या राजपाल यादव फिर जेल जाएंगे? दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद अभिनेता को दोबारा जेल जाना पड़ सकता है।

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में क्या?
  • चेक बाउंस के मामलों में अभिनेता राजपाल यादव की सजा बरकरार रखी गई। उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई।
  • जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल यादव को सात शिकायतों में से हर एक में शिकायतकर्ता को 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान करने का भी निर्देश दिया।
  • हालांकि, जज ने साफ किया कि एक्टर की ओर से पहले ही चुकाए गए लगभग 2 करोड़ रुपये को इसमें एडजस्ट किया जाएगा।
  • कोर्ट ने राजपाल यादव को इस फैसले के खिलाफ अपील करने वाली अदालत में जाने के लिए दो महीने का समय भी दिया।

2019 के फैसले को एक्टर ने दी थी चुनौती
अदालत की कार्यवाही राजपाल यादव और उनकी पत्नी द्वारा दायर उन रिविजन याचिकाओं पर हुई, जिनमें उन्होंने सेशंस कोर्ट के 2019 के फैसले को चुनौती दी थी। दरअसल, सेशंस कोर्ट ने अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा चेक-बाउंस के मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिनेता को छह महीने की सजा सुनाई थी।

जून 2024 में कोर्ट ने सजा पर रोक के साथ रखी थी शर्त
जून 2024 में, हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी, लेकिन इसके लिए शर्त यह थी कि वे दूसरी पार्टी के साथ आपसी समझौते की संभावना तलाशने के लिए ईमानदारी से कोशिश करें। उस समय राजपाल यादव के वकील ने कहा था कि यह एक फिल्म के प्रोडक्शन के लिए फंड जुटाने का एक लेन-देन था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही, जिससे यादव को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

राजपाल यादव पर बार-बार वादा तोड़ने का आरोप
हालांकि, 2 फरवरी को कोर्ट ने राजपाल यादव से 04 फरवरी को सरेंडर करने को कहा, क्योंकि उन्होंने पैसे चुकाने के लिए कोर्ट से किए गए वादों को बार-बार तोड़ा था। 16 फरवरी को कोर्ट ने उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी और शिकायतकर्ता के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद उन्हें जेल से रिहा करने की इजाजत दी।

क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला? 
साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से पांच करोड़ रुपये की राशि लोन के रूप में ली थी। 'अता पता लापता' बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं। कथित तौर पर राजपाल यादव को आर्थिक नुकसान हुआ। कर्ज के रूप में ली गई कंपनी की धनराशि वे लौटा नहीं पाए। कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ केस किया और साथ ही यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने लोन वापस करने के लिए जो कुछ चेक जारी किए थे वे सभी बाउंस हो गए। एक्टर के खिलाफ चेक बाउंस का केस दर्ज किया गया। ये चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे नहीं मिले। 
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तिहाड़ में किया था आत्मसमर्पण
चेक बाउंस मामले में निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पहले हाईकोर्ट ने अभिनेता की सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया था, लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएंगे। कोर्ट में कई बार वादा किया गया, लेकिन राजपाल यादव ने बार-बार पैसे नहीं चुकाए। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं। कोर्ट में कई बार समझौता हुआ, बार-बार राजपाल यादव ने पैसे देने का वादा किया। मगर, उन्होंने समय पर पैसे नहीं दिए। कोर्ट ने उन्हें कई मौके दिए, लेकिन हर बार वादा तोड़ा गया। 
 
  • 02 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अब और राहत नहीं दी जा सकती। 
  • हाई कोर्ट ने 02 फरवरी 2026 को राजपाल यादव को आदेश दिया था कि वे बुधवार 04 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण करें। 
  • साथ ही एक्टर की इस बात को लेकर आलोचना भी हुई कि उन्होंने बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा है।
  • हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राजपाल यादव ने 04 फरवरी को सरेंडर नहीं किया था। 
  • उन्होंने इस मामले में और मोहलत मांगी, मगर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। 
  • हाईकोर्ट की सख्ती और कोई मोहलत न मिलने के बाद आखिर राजपाल यादव ने आज गुरुवार 05 फरवरी 2026 को तिहाड़ में आत्मसमर्पण कर दिया। 
  • 17 फरवरी 2026 को वे अंतरिम जमानत पर रिहा हुए थे।
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