अभिनेता और निर्देशक दीपक तिजोरी को 1990 के दशक की मशहूर फिल्म 'आशिकी' और 'जो जीता वही सिकंदर' के लिए जाना जाता है। तीन दशकों से से ज्यादा समय के करियर में तिजोरी ने अक्सर सहायक किरदार निभाते हुए इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपनी शानदार प्रतिभा के बावजूद उन्हें बॉलीवुड में एक लीड अभिनेता के रूप में पहचाने जाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
दीपक तिजोरी ने हाल ही में एक बातचीत में अपने करियर के एक महत्वपूर्ण क्षण के बारे में बताया, जिसने एक अभिनेता के रूप में उनकी क्षमताओं के बारे में उनकी धारणा बदल दी थी। उन्होंने बताया कि निर्देशक महेश भट्ट के भाई और निर्माता मुकेश भट्ट ने 'अधूरे लोग' नामक फिल्म का समर्थन करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि तिजोरी मुख्य भूमिका में थे। इस फैसले ने न केवल महेश भट्ट की फिल्म में हीरो बनने की उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया बल्कि उनके आत्मविश्वास पर भी गहरा असर डाला।
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उन्होंने बताया, 'हमने फोटोशूट पूरा कर लिया था और यह निर्णय लिया गया था कि मैं फिल्म में मुख्य भूमिका निभाऊंगा। मगर उस समय उनके भाई मुकेश भट्ट ने कहा कि दीपक हीरो नहीं हो सकते। मैं फिल्म का समर्थन नहीं करूंगा। आप उन्हें सहायक अभिनेता के रूप में ले लो।' मुकेश भट्ट के फैसले के अनुसार महेश भट्ट ने फिल्म कैंसिल कर दी।
दीपक तिजोरी ने आशुतोष गोवारिकर की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'पहला नशा' में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसमें पूजा भट्ट, रवीना टंडन, परेश रावल जैसे कलाकारों ने काम किया था। साथ ही आमिर खान, राहुल रॉय, शाहरुख खान, सैफ अली खान और जूही चावला ने भी कैमियो किया था। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करने में विफल रही। इससे तिजोरी की मुख्य भूमिका की तलाश में एक झटका लगा।
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