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Daboo Malik: ‘अरमान की कामयाबी में अमाल खो गया, मैं पिता था पर समझ नहीं पाया’, डब्बू मलिक का छलका दर्द

सार

Daboo Malik Interview: अमाल मलिक ने पिछले दिनों परिवार से अपने रिश्ते खत्म करने की बात करके हर किसी को हैरान कर दिया था। अब अमाल के पूरे प्रकरण पर पिता डब्बू मलिक ने प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा।
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डब्बू मलिक और अमाल मलिक - फोटो : इंस्टाग्राम-@daboomalik
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विस्तार
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संगीत की दुनिया का जाना-पहचाना नाम डब्बू मलिक इस बार हमारे सामने एक पिता के रूप में आए। कुछ महीने पहले बेटे अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर जब परिवार से दूरी की बात कही और एक इंटरव्यू में अपना दर्द शेयर किया, तो वो सिर्फ कुछ शब्द नहीं थे, बल्कि वो एक बेटे की कई वर्षों से दबी हुई टीस थी, जो पहली बार खुलकर सामने आई।

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अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में डब्बू ने पहली बार इस पूरे मामले पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने बड़े भाई अनु मलिक से रिश्ते, अमाल के इमोशंस, करियर की परेशानी और पर्सनल लाइफ की तकलीफों को लेकर भी जवाब दिए।

जब अमाल ने सोशल मीडिया पर परिवार से अलग होने की बात कही, तो आपने क्या महसूस किया?
जैसे किसी ने मेरी रूह खींच ली हो। मैं एकदम सन्न रह गया। मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि अमाल इतना टूटा हुआ है। कुछ लोगों ने कहा था कि उसे लगता है उसका काम नोटिस नहीं होता, लेकिन मैंने कभी उस बात की गंभीरता नहीं समझी। एक कंपोजर की तकलीफ यही है कि वो सबसे ज्यादा रचता है, लेकिन सबसे पीछे रह जाता है। मैं पिता होकर भी उसकी उस गहराई को नहीं पढ़ पाया और यही चूक हमें तोड़ गई।

क्या आपको लगा कि वो अंदर से टूट चुका है?

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हां, उस पल ने मुझे अंदर तक हिला दिया। मैं रातों को सो नहीं पाया। मैंने उसकी आंखों में हमेशा सच्चाई देखी है। वो दिखावा नहीं करता। जब वो दुनिया को बता रहा था कि वो अपने परिवार से दूरी बना रहा है, तो वो महज शब्द नहीं थे। वो एक चीख थी। एक ऐसी चीख जो मुझसे छुपी रही और पूरी दुनिया के सामने आ गई। उस एक पल में, मुझे महसूस हुआ कि मैं एक पिता के तौर पर असफल रहा हूं। अगर मेरा बेटा मुझसे नहीं, बल्कि सोशल मीडिया से अपने टूटने की बात कहे, तो मुझसे बड़ा हारने वाला और कोई नहीं।

डब्बू मलिक और अमाल मलिक - फोटो : सोशल मीडिया

क्या दूसरे बेटे अरमान की कामयाबी में कहीं अमाल पीछे छूट गया?
हां और यही सबसे बड़ी सच्चाई है जो हर दिन मुझे अंदर से तकलीफ देती है। हमने अरमान के लिए सपने देखे, मेहनत की, उसकी चमक को आगे बढ़ाया और इसी में भूल गए कि एक और बेटा है जो उतनी ही गहराई से अपना सफर तय कर रहा है। अमाल धीरे-धीरे अकेला होता गया और हमें पता तक नहीं चला। वो कभी बोला नहीं, कभी शिकायत नहीं की। बस काम करता रहा, मुस्कराता रहा, लेकिन अंदर ही अंदर वो टूटता गया। जब अरमान के चारों ओर रोशनी थी, तब अमाल अंधेरे में अपने वजूद को टटोल रहा था। ये हमारी सबसे बड़ी गलती थी - हमने उसे देखा, लेकिन समझा नहीं।

उस पल के बाद आपने क्या कदम उठाया?
मैंने सब छोड़ दिया। 15 दिन सिर्फ उसके साथ रहा। कोई सफाई नहीं दी, कोई बहाना नहीं बनाया। बस सुना, हर बात को, हर दर्द को। मैं अंदर से बिखरा हुआ था, लेकिन खुद को समेटे रहा ताकि वो और न टूटे।

क्या अब आप दोनों के रिश्ते में सुधार आया है?
हम कोशिश में हैं। वो 15 दिन जब मैंने सब कुछ छोड़कर सिर्फ उसके पास बैठा, वो हमारी नजरों के रिश्ते को शब्दों में बदलने की शुरुआत थी। मैंने कुछ नहीं कहा। सिर्फ सुना। जब सुन लिया, तो सिर्फ इतना कहा - ‘मैं हूं बेटा, इस बार पूरी तरह से।’

अनु मलिक और डब्बू मलिक - फोटो : इंस्टाग्राम

क्या आपके और अनु मलिक के रिश्ते में कभी दूरी आई?
नहीं, हमारे रिश्ते में कभी खटास आई ही नहीं। अनु सिर्फ मेरे बड़े भाई नहीं हैं, वो मेरे स्ट्रगल के साथी रहे हैं। वो दौर भूला नहीं जब हम एक ही रोटी के दो हिस्से करते थे। हां, कभी कोई चुभन आई हो, तो वो एक पल भर की रही होगी, जो बिना बोले ही खत्म हो गई। आज जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो लगता है वो सब एक धुंध था। मैंने अनु भैया को भी फोन किया और पूरी बात बताई। उन्होंने मुझसे पूछा- क्या मैंने तेरा हक छीना? क्या मैंने तुझे पीछे करने की साजिश की? उनके शब्दों में सफाई नहीं थी, बल्कि वो दर्द था जो बरसों से चुप था और अब सवाल बनकर सामने आ गया।

अमाल ने कहा कि उनके पिता का करियर अनु मलिक की वजह से खत्म हुआ। आपने क्या महसूस किया?
ये सुनना मेरे लिए बहुत भारी था। मुझे नहीं पता अमाल को ऐसा क्यों लगा। लेकिन हां, मैं टूट चुका था। मेरे करियर में बहुत उतार-चढ़ाव आए और कुछ फैसले शायद मुझे भारी पड़े। पर मैंने कभी किसी को दोष नहीं दिया। अगर अमाल ने मुझे उस दौर में तड़पते हुए देखा और उसे लगा कि इसका जिम्मेदार अनु है, तो वो उसका नजरिया हो सकता है। वो मेरा बेटा है, वो मेरी तकलीफ को अपने तरीके से समझ रहा था। लेकिन सच ये है कि मैंने कभी अनु को अपना दुश्मन नहीं माना। मेरे टूटने की वजह अगर उसने अपने चाचा को समझा, तो मुझे बस इतना दुख हुआ कि वो इतने साल से उस बोझ को अपने सीने में लेकर चल रहा था।

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अमाल मलिक और उनके पिता डब्बू मलिक - फोटो : इंस्टाग्राम @daboomalik

अमाल ने अनु मलिक और मी टू को लेकर तीखे शब्द बोले। इस पर आप क्या कहेंगे?
देखिए, अमाल अभी जवान है। वो अपने जज्बात में बोलता है। लेकिन मी टू सिर्फ एक पर्सनल बयान नहीं है। ये महिलाओं की गरिमा और इंसाफ से जुड़ा मुद्दा है। इस पर बात करते हुए हमें बेहद जिम्मेदारी से शब्द चुनने चाहिए। अगर कोई आरोप है, तो अदालतें हैं, कानून है, जांच की प्रोसेस है। मैं कभी भी ऐसे मामलों पर सार्वजनिक तौर पर बयान देना सही नहीं मानता, क्योंकि आधा सच कभी-कभी पूरे झूठ से ज्यादा नुकसान कर सकता है। अमाल की बातें उसके अनुभव और गुस्से से निकली होंगी, लेकिन मैं चाहता हूं कि वो समझे कि उसके शब्द असर छोड़ते हैं।

जब आप अब पीछे मुड़कर देखते हैं, तो क्या लगता है? आपको दुख ज्यादा है या पछतावा?
मैं आहत नहीं, शर्मिंदा हूं। क्योंकि उसका हर लफ्ज ये बताता है कि मैं उसकी तकलीफें नहीं समझ पाया। वो बोल रहा है और मैं सुन रहा हूं। अब मेरी भूमिका एक गायक, एक पिता या एक भाई की नहीं, एक इंसान की है, जो अपने बेटे का दर्द समेटने की कोशिश कर रहा है। मैं उसे चुप नहीं कराना चाहता। मैं उसके सच को महसूस करना चाहता हूं। ताकि अगली बार उसे दुनिया के सामने नहीं, मेरे सामने बोलने का हक मिले।

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