IFFK Film Screening Ban Row: हाल ही में केरल फिल्म फेस्टिवल में कुछ फिल्मों की स्क्रीनिंग रोक दी गई। इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के एमपी शशि थरूर ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानिए, यह पूरा मामला क्या है?
हाल ही में केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन तिरुवनंतपुरम में किया गया। यह फेस्टिवल 12 से 19 दिसंबर तक आयोजित हो रहा है। अचानक यह फिल्म फेस्टिवल विवादों में घिर गया। दरअसल, इस फिल्म फेस्टिवल में कुछ फिल्मों की स्क्रीनिंग कैंसिल कर दी गई थी। जब मामला बहुत अधिक बढ़ गया तो आयोजकों ने सफाई दी और कई बैन फिल्मों की स्क्रीनिंग की इजाजत दी। साथ ही अपना पक्ष भी सामने रखा। इस विवाद के बीच शिश थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी है। इस मामले को देश की छवि से जोड़ दिया है।
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शशि थरूर बोले- किसी भी फिल्म को रोका नहीं जाना चाहिए
एएनआई से बातचीत में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमारे यहां सिनेमाई संस्कृति का सम्मान करने की बहुत अच्छी परंपरा है। गोवा और केरल में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हुए हैं। अभी केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का मामला सात फिल्मों की लिस्ट तक आ गया है। लेकिन किसी भी फिल्म को रोका नहीं जाना चाहिए। पहले कुछ फिल्मों को बैन किया गया था, क्लियरेंस देने से रोका गया था। यह बात हास्यास्पद है। हमारे नौकरशाहों को ज्यादा बेहतर समझ विकसित करनी होगी, क्योंकि ऐसे मामलों से भारत की छवि दांव पर लगती है।’
#WATCH | On the IFFK banning row, Congress MP Shashi Tharoor says, "This is an unfortunate development. We have a very good tradition of respecting cinematic culture. We have had international film festivals in Goa and Kerala. Right now, it has come down to a list of seven films.… pic.twitter.com/fHMd4DniPw
आयोजकों ने कहा सभी फिल्मों की होगी स्क्रीनिंग
मंगलवारको केरल चलचित्र अकादमी के चेयरमैन रसूल पुकुट्टी ने कहा कि केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कुछ फिल्मों के लिए केंद्र से मंजूरी न मिलने के बावजूद सभी फिल्मों को तय शेड्यूल के हिसाब से दिखाने का फैसला किया गया है। सूत्रों ने बताया कि केरल चालचित्र अकादमी ने यह फैसला तब लिया, जब केरल सरकार ने इस मामले को अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ दिया। दरअसल, 15 फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगाई गई थी, क्योंकि इन्हें आधिकारिक तौर पर सेंसर से सर्टिफिकेट नहीं मिला था। इस काम में देरी हो रही थी। जिन फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगी, उसमें कुछ कल्ट फिल्में शामिल थीं, साथ ही फिलिस्तीन संघर्ष से जुड़ी भी कुछ फिल्में शामिल थीं। यह मामला अब 7 फिल्मों में आकर ठहर गया है। इस बात को लेकर शशि थरूर नाराज नजर आए।