पद्मिनी कोल्हापुरे बोलीं- 'यह बिल्कुल गलत'
पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा, 'जिस दिन से यह घटना शुरू हुई, यानी 7 तारीख से... उपासना सिंह और दीपक पाराशर वही लोग इसके पीछे थे। वे हमारे बैंकों में गए, सादे कागज पर साइन किए और CINTAA के खाते फ्रीज करवा दिए। उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था। तब से अब तक हमारे खाते फ्रीज हैं। हम वेलफेयर से जुड़े काम नहीं कर पा रहे, किसी की मदद नहीं कर पा रहे और अपने स्टाफ की सैलरी भी नहीं दे पा रहे हैं। आप हमसे लड़ सकते हैं और हम आपसे लड़ सकते हैं, लेकिन हमारे स्टाफ के पैसे क्यों रोके जाएं? अगर फंड जारी नहीं होंगे, तो हम सैलरी कैसे देंगे? यह बिल्कुल गलत है'।
CAWT और CINTAA के बीच MOU को लेकर पूनम ढिल्लों ने की बात
अध्यक्ष पूनम ढिल्लों ने CINTAA और CAWT के बीच प्रस्तावित MOU के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर एसोसिएशन की AGM में चर्चा हुई थी। अभिनेत्री ने कहा कि CINTAA ने 2026 में सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट (CAWT) की मदद की थी, जब उन्हें यह जमीन मिली थी। CINTAA के सदस्य मिथुन चक्रवर्ती ने कुछ शो किए थे और फंड जुटाने में मदद की थी। जॉनी लीवर ने भी 2010 में कुछ कार्यक्रम और शो आयोजित किए थे।
ढिल्लों ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा, 'उसके बाद से सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट ने कोई फंड जुटाने का काम नहीं किया। इसलिए हमने उनकी मदद करने के बारे में सोचा। पिछले दो से ढाई वर्षों में जब MOU बनाने की बात हुई, तो हमें पता चला कि जब भी कोई मेडिकल इमरजेंसी होती थी, वे कहते थे कि उनके पास पैसे नहीं हैं'।
सीपी ठाकुर बोले- 'विवाद फंड के कथित गलत इस्तेमाल के बारे में नहीं'
इस बीच वाइस प्रेसिडेंट सीपी ठाकुर ने कहा कि यह विवाद फंड के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर नहीं है। उन्होंने कहा कि मतभेद CINTAA के फंड को CAWT में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव और कॉन्टैक्ट डिटेल्स शेयर करने जैसे मामलों को लेकर हुए थे। ठाकुर ने बताया कि कुछ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए ऑथराइज्ड सिग्नेटरीज की मंजूरी जरूरी थी।
वाइस प्रेसिडेंट ने आगे कहा, 'साइन करने का अधिकार दीपक पाराशर, उपासना और पूनम के पास है। उनके या दीपक के हस्ताक्षर के बिना यह संभव नहीं है। इसलिए मामला फंड का नहीं है। CAWT चाहता था कि CINTAA के सदस्यों का फंड उन्हें दिया जाए, क्योंकि उन्होंने इंटीरियर और उद्घाटन पर पैसे खर्च किए थे। दो लोगों ने इसका विरोध किया, जिससे वे नाराज हो गए। इन सभी समस्याओं की यही वजह है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमारे वकील पीरजादा ने आज इस मामले में लड़ाई लड़ी और हमें आदेश मिला है। आदेश में कहा गया है कि चुनाव होने दिए जाएं और परिणाम घोषित किया जाए'।
सीपी ठाकुर ने आखिर में कहा कि 26 अक्टूबर 2026 को सिटी सिविल कोर्ट यह फैसला करेगा कि FWICE को CINTAA के चुनाव कराने का अधिकार है या नहीं। फैसला आने के बाद ही नई समिति अपनी जगह ले सकेगी। अगर फैसला उनके पक्ष में आता है, तो उन्हें अपने पद खाली करने होंगे।