Smriti Khanna:: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अभिनेत्री स्मृति खन्ना ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया है कि आजादी का असली मतलब क्या है और इसे कैसे इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हमें किन चीजों को बचाकर रखना है।
आजादी के 80 साल बाद भारत ने दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। टेक्नोलॉजी, साइंस, स्पोर्ट्स, एंटरप्रेन्योरशिप और कला- हर क्षेत्र में भारतीय अपनी जगह बना रहे हैं। मगर क्या सिर्फ आगे बढ़ना ही काफी है? टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना मानती हैं कि अभी कुछ जरूरी मोर्चों पर काम बाकी है।
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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अमर उजाला से बातचीत में स्मृति ने बीते 80 साल में भारत ने क्या संभालकर रखा, आज के देश को देखकर उन्हें किस बात पर गर्व होता है और आने वाले समय के लिए उनकी सबसे बड़ी उम्मीद क्या है, इस पर बात की है।
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स्मृति खन्ना
- फोटो : इंस्टाग्राम@smriti_khanna
क्या बचाना है जरूरी?
पिछले 80 साल में भारत ने सबसे अच्छी तरह क्या बचाकर रखा है?
स्मृति कहती हैं, 'मुझे लगता है कि पिछले 80 वर्षों में हमने सबसे अच्छी तरह अपनी लोकतांत्रिक सोच, अपनी विविधता और यूनिटी इन डाइवर्सिटी की पहचान को संभालकर रखा है।
इतनी अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद हम एक देश के रूप में साथ खड़े हैं और ये हमारी सबसे बड़ी ताकत है।'
उन्होंने आगे कहा 'अब हमें अपनी इंसानियत, आपसी सम्मान, सच्चाई और प्रकृति को बचाना और मजबूत बनाना होगा, क्योंकि इन्हीं से देश की असली प्रगति होती है।'
स्मृति खन्ना
- फोटो : इंस्टाग्राम@smriti_khanna
कई मोर्चों पर लंबा रास्ता बाकी
आज के भारत को देखकर सबसे ज्यादा गर्व किस बात पर होता है?
इस सवाल के जवाब में स्मृति ने कहा 'मुझे गर्व होता है कि आज का भारत हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। टेक्नोलॉजी, साइंस, स्पोर्ट्स, एंटरप्रेन्योरशिप और कला, हर जगह हमारे लोग दुनिया में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। मगर साथ ही, मुझे लगता है कि हमें रोजगार, अच्छी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अभी और बहुत काम करना है। जब हर युवा को बराबरी के अवसर मिलेंगे और सही दिशा मिलेगी, तब भारत और भी मजबूत बनेगा।'
इस तरह करें आजादी का इस्तेमाल
आपके हिसाब से आजादी का क्या मतलब है?
आजादी के मायने पर स्मृति का जवाब सिर्फ अपनी मर्जी से जिंदगी जीने तक सीमित नहीं है। वह आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारी को ज्यादा अहम मानती हैं। उन्होंने कहा 'मेरे लिए आजादी का असली टेस्ट तब होता है, जब आपको पूरी फ्रीडम हो और फिर भी आप जिम्मेदारी, मर्यादा और सही फैसलों का चुनाव करें। सिर्फ बंधनों से मुक्त होना ही आजादी नहीं है; अपनी आजादी का इस्तेमाल समाज, देश और दूसरों के हित का ध्यान रखते हुए करना ही सच्ची आजादी है।'