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इंटरव्यू: टीवी के लंबे शूट से 'सिकंदर' के बड़े सेट तक, विशाल वशिष्ठ बोले- 'अब प्रॉपर एक्शन करना है'

Sun, 04 Oct 2026 08:00 PM IST
गोधूलि श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला

सार

Vishal Vashishtha Interview: अभिनेता विशाल वशिष्ठ इन दिनों 'अली बाबा 40 भूत' में अभिनय कर रहे हैं। हाल ही में अमर उजाला से हुई खास बातचीत में विशाल ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत और सफर पर काफी कुछ कहा। पढ़िए क्या बोले विशाल? 
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विशाल वशिष्ठ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अभिनेता विशाल वशिष्ठ ने टीवी से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद फिल्मों और ओटीटी में भी काम किया। इन दिनों वह 'अली बाबा 40 भूत' में नजर आ रहे हैं। अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में विशाल ने अपने करियर, टीवी के लंबे शूट, एक्शन करने की चाहत और सलमान खान की फिल्म 'सिकंदर' से जुड़े अनुभवों पर बात की।
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विशाल वशिष्ठ - फोटो : इंस्टाग्राम- @vishalvashishtha
21-22 की उम्र में शुरू किया काम
मैंने बहुत जल्दबाजी में करियर शुरू किया था। तब मैं 21-22 साल का था। उस उम्र में अलग ही एनर्जी होती है। सुबह घर से निकलता था तो रात को ही वापस जाना है। बस ऑडिशन देते रहो। सारे ऑफिस में ऑडिशन होते थे। फिर धीरे-धीरे काम मिलने लगा। टीवी में कई बार 18-24 घंटे काम किया है। एक बार तो करीब 68 घंटे बाद जाकर सोया था। लेकिन उसी काम ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। टीवी ने मुझे बहुत अच्छी कंडीशनिंग दी। स्क्रिप्ट जल्दी समझना, लाइनें याद रखना और कैमरे के सामने स्पॉन्टेनिटी बनाए रखना, ये सब वहीं सीखा। लंबे वर्किंग शेड्यूल में काम करने की आदत भी वहीं पड़ी।

विशाल वशिष्ठ - फोटो : इंस्टाग्राम- @vishalvashishtha
टीवी से ब्रेक लेने का फैसला क्यों किया?
एक समय के बाद मैंने बहुत कॉन्शस डिसीजन लिया कि अब थोड़ा ब्रेक लेना है। मुझे लगा कि टीवी से जो करना था, जो देना था और जो सीखना था, वो मैंने कर लिया है। उसी वक्त ओटीटी स्पेस भी तेजी से बढ़ रहा था। मैं थोड़ा आराम से आगे बढ़ना चाहता था। मेरे लिए ये भी जरूरी है कि दो प्रोजेक्ट के बीच मैं अपनी जिंदगी कैसे जी रहा हूं।
कभी-कभी दो प्रोजेक्ट के बीच लगता है कि टाइम वेस्ट कर दिया। लेकिन फिर आपको ये भी समझना पड़ता है कि हर वक्त कुछ न कुछ करते रहना जरूरी नहीं है। फ्री टाइम मिला है तो उसे इंजॉय भी करना चाहिए।

टीवी एक्टर होने का असर पड़ा?
मैं अपने एक्सपीरियंस की बात कर सकता हूं। मुझे नहीं पता कि इसकी वजह क्या थी। मैंने खुद को उतना एक्सपोज नहीं किया था। सोशल मीडिया भी उस वक्त इतना बूम कर रहा था। लोगों ने मेरा काम देखा ही नहीं था। इसलिए शायद उन्हें पता ही नहीं था कि मैं क्या कर चुका हूं। किसी ने मेरे मुंह पर नहीं कहा कि टीवी की वजह से काम नहीं मिला। लेकिन मुझे लगता है कि उसका थोड़ा असर जरूर हुआ होगा।
अब चीजें बदल रही हैं। टीवी के बहुत सारे एक्टर्स ओटीटी पर काम कर रहे हैं। लोग आपको सिर्फ टीवी एक्टर की तरह नहीं, एक एक्टर की तरह देखने लगे हैं।

अब प्रॉपर एक्शन करना है
मेरा एक्शन अभी बचा हुआ है। मैं प्रॉपर एक्शन करना चाहता हूं। मैंने अपने कमरे में ही एक्सरसाइज करने का सेटअप बनाया है। खास वजह यही है कि शूट पर रहते हुए भी प्रैक्टिस करता रहूं। मेरी बॉडी और माइंड दोनों तैयार रहें। मुझे एक्शन करना ही है। अगले दो साल के अंदर एक एक्शन फिल्म करना चाहता हूं। मैंने उसका मेनिफेस्टेशन भी किया है। ट्रेनिंग अभी भी चल रही है।

विशाल वशिष्ठ - फोटो : इंस्टाग्राम- @vishalvashishtha
'सिकंदर' के सेट पर 25 दिन
'सिकंदर' मेरे लिए बहुत डिफिकल्ट और बहुत अलग एक्सपीरियंस था। पूरी प्रोडक्शन के लिए भी वो बहुत बड़ा काम था। उस समय सलमान सर की तबीयत भी ठीक नहीं थी और बहुत सारे एक्शन सीक्वेंस थे। उसी वक्त उनके दोस्त बाबा सिद्दीकी का निधन भी हुआ था, जिससे वो थोड़े परेशान भी थे। यूनिट बहुत बड़ी थी। मेरे लिए पहले तीन-चार दिन काफी ओवरवेल्मिंग थे।
मैंने करीब 25 दिन शूट किया। कई बार अपने शॉट के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। इतना बड़ा स्केल था कि एक शॉट को तैयार होने में ही काफी वक्त लगता था। मैंने पहले भी फिल्में की थीं। लेकिन यहां समझ आया कि इतने बड़े प्रोडक्शन में कितने लोग और कितनी चीजें साथ चलती हैं। आखिर में एक्टर का काम वही है। आपको कैरेक्टर के कपड़े पहनने हैं। एक खास लैंग्वेज और डिक्शन में बात करनी है। अपना काम करना है। बाकी सब अपने आप हो जाएगा।
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विशाल वशिष्ठ - फोटो : इंस्टाग्राम- @vishalvashishtha
'अली बाबा 40 भूत' से कैसे जुड़े?
ये शो करीब एक साल पहले से चल रहा था। मुझे एक पीपीटी आई थी। कास्टिंग शुरू हुई थी और टेस्ट हुए थे। लेकिन किसी को पता नहीं था कि ये कब फ्लोर पर जाएगा। फिर एक साल बाद ये वापस रिवाइव हुआ। जब मैंने कहानी पढ़ी तो ऑन पेपर बहुत इंटरेस्टिंग लगी।
फिर जब विजुअल रेफरेंस, सेट, कॉस्ट्यूम और आर्टिफैक्ट देखे तो एक्साइटमेंट और बढ़ गई। सेट पर हमेशा कुछ न कुछ बन रहा होता था। बहुत सारे लोग लगातार काम कर रहे थे। मुंबई में हमने शुरुआत के चार दिन साथ में बिताए। इससे टीम एक-दूसरे के साथ कंफर्टेबल हो गई। उसके बाद ओरछा गए। 40 एपिसोड के लिए करीब दो महीने वहां रहना था। सुबह की शूटिंग होती थी। कई बार टेक्निकल इश्यू की वजह से शूट आधे घंटे से पांच घंटे तक लेट हो जाता था। हम सुबह जल्दी पहुंच जाते थे। सबसे पहले चाय और जलेबी ढूंढते थे। साढ़े छह बजे दुकान खुलती थी और पहला बैच निकलता था। डाइट गई तेल लेने।
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