मुझे क्राइम मास्टर गोगो का रोल करना है
अमर उजाला से खास बातचीत में शरद ने अपनी दिल की बात रखी। उन्होंने कहा, 'मैं क्राइम मास्टर गोगो का रोल करना चाहता हूं। अंदाज अपना अपना वाला। अब जाहिर है, मैं आमिर या सलमान तो बन नहीं सकता, पर क्राइम मास्टर गोगो जैसा किरदार करने में मुझे बड़ा मजा आएगा।' शरद ने बताया कि कॉमेडी करने की उनकी बड़ी इच्छा है, लेकिन लोगों की बनी बनाई छवि की वजह से उन्हें ये चांस ही नहीं मिलता।
'पता नहीं क्यों, लोगों को लगता है मैं बहुत सीरियस आदमी हूं। जबकि रियल लाइफ में मैं पूरा मस्तीखोर हूं। अगर आप मेरी शूटिंग यूनिट या दोस्तों से पूछेंगे तो सब यही कहेंगे कि मैं सबसे ज्यादा जोक्स क्रैक करता हूं, सबसे ज्यादा मस्ती करता हूं। मैं तो खुद को भी कहता हूं कि मैं वो एक्टर हूं ही नहीं, जो लोग समझते हैं।'
किरदार नहीं, एक्टिंग से जज करो
शरद ने कहा, परदे का किरदार ही इंसान समझना बड़ी भूल है। अगर कोई नेगेटिव रोल करता है, तो लोग समझते हैं कि वो असल जिंदगी में भी वैसा ही है। लेकिन असल में हर एक्टर एक आम इंसान होता है, जिसकी अपनी फैमिली और जिम्मेदारियां होती हैं।
एक बार विलन या पुलिस वाला बन गए, तो बस वही रोल बार-बार मिलता है। लोग उस इमेज से बाहर आने नहीं देते। सच ये है कि एक्टर की असली पहचान उसका टैलेंट है, किरदार नहीं। उसे रोल्स से नहीं, उसकी कला से जज करें।
मुझे खुद को रिपीट करना पसंद नहीं
शरद ने ये भी बताया कि कैसे उन्होंने खुद को टाइपकास्ट होने से बचाने की कोशिश की। एक्टर ने कहा, 'एक समय ऐसा भी आया जब मुझे लगातार पुलिसवाले रोल्स मिलने लगे थे। जैसे जगदीश राज जी के बाद सबको लगता था अगला पुलिस वाला मैं ही बनूंगा। मतलब इंडस्ट्री में टाइम पास करते हुए सोचते थे कि अब ये रोल शरद को दे दो। मैंने सोच-समझकर ऐसे रोल्स कम कर दिए, ताकि मैं खुद को रिपीट न करूं।'
डायरेक्टर्स को भी हम टाइपकास्ट कर देते हैं
शरद का मानना है कि सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, डायरेक्टर्स भी टाइपकास्टिंग का शिकार होते हैं। 'विक्रम भट्ट को ही देख लीजिए। लोग उन्हें सिर्फ हॉरर फिल्मों के लिए जानते हैं - ‘राज़’, ‘1920’, ‘हॉन्टेड’ जैसी फिल्में उनकी पहचान बन गईं। पर वही विक्रम भट्ट ने ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी भी बनाई है।
मगर इंडस्ट्री उन्हें वही हॉरर फ्रेम में देखना चाहती है। मौका मिलेगा तो हर कोई कुछ नया कर सकता है - बस नजरिया बदलने की जरूरत है।'
'जय भवानी जय शिवाजी' में दिखे थे
शरद हाल ही में एक म्यूजिक वीडियो 'जय भवानी जय शिवाजी' में दिखे थे। यह वीडियो छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित है। वीडियो में शरद केलकर के साथ शरद मल्होत्रा और शाजी चौधरी भी नजर आए। इस गाने को कैलाश खेर ने आवाज़ दी है और अभिषेक ठाकुर ने इसे कंपोज किया है।