सैफ अली खान के घर की तस्वीरें
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इस फिल्म के लिए हां कहने की सबसे बड़ी वजह क्या थी?
प्रियदर्शन का मुझे इस तरह की स्क्रिप्ट ऑफर करना ही मेरे लिए काफी बड़ी बात थी। पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी थोड़ा शिफ्ट करना चाहिए। मैं कैसी फिल्में करूं? अब मैं चाहता हूं कि अजय देवगन जिस तरह की ‘दृश्यम’ टाइप फिल्में करते हैं, वैसी फिल्में करूं। खासकर थोड़ा मैच्योर होने के बाद मुझे लगा कि यह जॉनर मुझे सूट करेगा। अब मैं 25 साल का नहीं हूं।
‘हैवान’ में सस्पेंस और थ्रिल है। हीरो अंधा है, लेकिन किसी को बचाने के लिए अपना पूरा दिमाग लगा रहा है। वह हत्या के मामले में फंसता है और उससे निकलने की कोशिश करता है। फिर एक्शन भी है। मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि वह सिर्फ बेचारा नहीं है। ऐसे किरदार मनोवैज्ञानिक तौर पर बहुत फैसिनेटिंग होते हैं और मुझे लगता है कि लोग उनसे प्रभावित होते हैं।
सैफ अली खान
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यानी इस बार ‘बेचारा’ दिखना आपके लिए भी नया अनुभव था?
हां, इतना सहानुभूति वाला रोल है कि कभी-कभी दिल से आह निकलती है कि क्या-क्या हो रहा है इसके साथ। ऐसे रोल मुझे ज्यादातर मिलते नहीं हैं। मुझे थोड़े बिगड़े हुए लड़कों के रोल मिलते थे। यह रोल मुझे बहुत आसान लगा और बहुत मजा आया। ऐसे कैरेक्टर में आप बस खड़े हो, थोड़े थके हुए लगो और लोगों के दिल से निकले- ‘बेचारा, इसके साथ क्या-क्या हो रहा है।’ तो ऐसी और फिल्में होनी चाहिए और ऐसे कैरेक्टर्स होने चाहिए।
हालांकि उसका बेचारापन उसकी कमजोरी नहीं है। वह टैलेंटेड है। उसकी मां ने उसे संगीत और वायलिन सिखाया है, इसलिए वह म्यूजिक टीचर है। उसके पिता ने उसे मार्शल आर्ट सिखाया है। उसमें एक खास क्षमता भी है, वह इतनी अच्छी तरह सुन सकता है कि हवा में उछली गेंद भी पकड़ सकता है। इसलिए इस किरदार को निभाना मेरे लिए वाकई मजेदार था।
सैफ अली खान
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अक्षय का इस फिल्म से जुड़ने का क्या किस्सा है?
अक्षय के साथ हमने बहुत अच्छी फिल्में की हैं। हमारी रिलेशनशिप बड़े-छोटे नटखट भाई की तरह रही है। ‘टशन’ हमने की थी, वह चली नहीं, लेकिन एक बहुत अच्छी कोशिश थी। उसके बाद हमारे पास साथ काम करने के अच्छे ऑफर नहीं आए।
लेकिन मैं खुश हूं कि ‘हैवान’ सिर्फ ‘अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी’ वाली फिल्म नहीं है। वह जमाना चला गया। इस बार रिश्ता बहुत अलग है। मैं हीरो हूं और अक्षय ने एक टफ, थोड़ा नेगेटिव रोल किया है।
दिलचस्प बात यह है कि जब प्रियदर्शन जी मेरे साथ फिल्म पर काम कर रहे थे, दूसरे रोल के लिए कुछ एक्टर्स से बात चल रही थी। उसी दौरान वह अक्षय के साथ शूटिंग कर रहे थे। उन्होंने अक्षय को बताया कि दूसरा रोल अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है। एक शॉट देने के बाद अक्षय ने खुद कहा, ‘मैं क्यों नहीं कर लूं?’
प्रियदर्शन जी ने पूछा, ‘सच में आप करना चाहोगे? थोड़ा नेगेटिव है।’ अक्षय ने कहा, ‘नहीं-नहीं, मुझे मजा आएगा।’ जब प्रियदर्शन जी ने मुझे फोन करके यह बताया तो पहले मुझे यकीन नहीं हुआ। मेरे लिए यह तोहफे जैसा है कि अक्षय कुमार जैसे बड़े स्टार ने यह फिल्म हां की, यह जानते हुए कि पिक्चर का हीरो मैं हूं।
हैवान
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कांच टूटने वाला सीन कितना डरावना था?
वह दिन हमेशा याद रहेगा। एक सीन में पुलिस वाला मुझे पकड़कर कांच के सामने धक्का देने वाला था। हमें कहा गया था कि ज्यादा जोर से नहीं मारना है। लेकिन जोश में वह थोड़ा ज्यादा लग गया और पूरा कांच टूट गया। मैं कांच के सामने गिर गया। बच गया, कैसे पता नहीं। अगर लगता तो बुरी तरह घायल हो सकता था।
उस वक्त तो ठीक लगा, क्योंकि शायद खून गरम था। लेकिन बाद में मुझे लगा कि मैंने बहुत जान लगा दी थी और दो दिन आराम करना पड़ा। वैसे मेरी हाइलाइट फाइट पुलिस स्टेशन में पुलिस वाले के साथ है। अक्षय के साथ भी फाइट है, लेकिन पुलिस स्टेशन वाला एक्शन मुझे ज्यादा पसंद आया।
हैवान
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उम्र बढ़ने के साथ ऐसे एक्शन को लेकर डर बढ़ता है?
एक्शन करना और एक उम्र के बाद एक्शन करना बहुत मेहनत वाला काम है। बॉलीवुड खासकर बहुत मेहनत करवाता है, क्योंकि हम अपने खुद के स्टंट्स करते हैं और लोग उम्मीद करते हैं कि जैसे आप 25 साल के हैं। मैंने हमेशा एक्शन किया है। बचपन में इतना कन्विन्सिंग नहीं होता था, लेकिन धीरे-धीरे और कन्विन्सिंग हो गया और मुझे एक्शन पसंद है। हालांकि सबके लिए यह आसान नहीं है। काफी एक्टर्स हैं जिनके घुटने साथ नहीं दे रहे, किसी का कंधा साथ नहीं दे रहा।
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ओटीटी ने भी आपको कई तरह के किरदार दिए। वहां क्या फर्क महसूस होता है?
सीरीज में ज्यादा वक्त मिलता है और एक्टर को खुद को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। कैरेक्टर को इतने वक्त दे रहे हो और इतने टाइम के लिए उस लुक और कैरेक्टर में जुड़े रहते हो। जैसे ‘सेक्रेड गेम्स’ में इतनी शूटिंग की कि एक सीजन के बाद मुझे लगा कि उस रोल में मेरी एक्टिंग बहुत अच्छी हो गई थी, क्योंकि इतने दिन से वो रोल प्ले कर रहे थे। किरदार बस जाता है।
मैं नहीं मानता कि छोटी स्क्रीन बड़ी स्क्रीन से कुछ कम है। हर फ्रेम कुछ एक्सप्रेस करने का मौका है। कुछ स्टार्स बोलते हैं कि ओटीटी या फिल्मों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, लेकिन मुझे लगता है कि अगर दोनों कर सकते हैं तो ग्रेट।
सैफ अली खान
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कियारा के साथ कनिका ढिल्लों की फिल्म भी कर रहे हैं?
बात हो रही है, लेकिन इसमें ज्यादा नहीं बोलूंगा, क्योंकि मैंने अभी फिल्म साइन नहीं की है। जैसे साइन हो जाए, मैं आपको बता सकता हूं। लेकिन हां, बात तो चल रही है।