फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: '10 साल से लीड रोल नहीं मिल रहे', रणवीर शौरी ने बताया करियर पर कैसा पड़ा 'बिग बॉस' का असर?

सार

Ranvir Shorey Exclusive Interview: एक्टर रणवीर शौरी इन दिनों 'एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बीच हाल ही में उन्होंने अमर उजाला के साथ खास बातचीत में अपने करियर और जिंदगी को लेकर दिलचस्प बातें साझा कीं।
विज्ञापन
रणवीर शौरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिनेता रणवीर शौरी इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट 'एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा' को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने फिल्म, अपने किरदार, करियर, इंडस्ट्री और अपनी सोच पर खुलकर बात की।  बातचीत के दौरान, अभिनेता ने बिग बॉस के अपने अनुभव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि इस शो के बाद उनके करियर में कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन उन्हे जबर्दस्त पहचान जरूर मिली। पढ़िए बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

विज्ञापन

‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ - फोटो : इंस्टाग्राम
‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ से जुड़ने की सबसे बड़ी वजह क्या रही?
बहुत सीधा सा जवाब है। एक शब्द में कहूं तो राजत कपूर। और अगर एक नाम और जोड़ना हो तो विनय पाठक। कई बार स्क्रिप्ट से पहले आप उन लोगों पर भरोसा करते हैं, जिनके साथ आप काम करने जा रहे हैं। मुझे पता था कि इन लोगों के साथ कुछ दिलचस्प ही बनेगा। इसलिए यह फैसला बहुत आसान था।

रणवीर शौरी - फोटो : इंस्टाग्राम
अपने किरदार माधवन के बारे में बताइए
माधवन एक दोस्त है उस ग्रुप का, जिसमें चार पांच कपल्स हैं और सब एक साथ एक एनिवर्सरी हॉलिडे के लिए मिलते हैं। वह दर्शनशास्त्र का प्रोफेसर है। लेक्चर देता है, घूमता है और जिंदगी को बहुत इंटेलेक्चुअल नजरिए से देखता है। उसे लगता है कि उसे इंसानियत की पूरी समझ है। वह बहुत पॉलिश्ड और इवॉल्व्ड इंसान है और सच कहूं तो मुझसे काफी अलग है। लेकिन यही तो दिलचस्प होता है कि आप किसी ऐसे इंसान को निभा रहे होते हैं, जो खुद को बहुत सही समझता है।

क्या आपने किरदार में अपनी तरफ से कुछ जोड़ा
हां, और यह बहुत जरूरी भी होता है। अच्छे डायरेक्टर आपको थोड़ा स्पेस देते हैं। रजत कपूर भी वैसे ही हैं। उन्हें पता होता है कि उन्हें क्या चाहिए, लेकिन वह आपको अपनी तरफ से कुछ जोड़ने देते हैं। इस फिल्म में भी कुछ जगह मैंने इम्प्रोवाइज किया और अच्छी बात यह रही कि उन्होंने उसे रखा। एक एक्टर के लिए यह बहुत अच्छा लगता है।

रणवीर शौरी - फोटो : इंस्टाग्राम
शूटिंग का सबसे यादगार हिस्सा क्या रहा
सच कहूं तो शूट से पहले का समय सबसे ज्यादा मजेदार था। हम बहुत बड़े ग्रुप में थे। कभी पांच लोग, कभी दस, कभी पंद्रह। कोई भी वैनिटी वैन में नहीं बैठता था। सब गार्डन में एक जगह इकट्ठा हो जाते थे। वहां एक ओपन सा शेड था। हम वहीं बैठते थे, म्यूजिक चलता था, कोई एक कोने में तैयार हो रहा है, कोई दूसरे में। पूरा माहौल ऐसा लगता था जैसे कोई थिएटर ग्रुप हो। वही सबसे ज्यादा मजेदार और यादगार था।

आप इस इंडस्ट्री में पीछे कई वर्षों से काम कर रहे हो, अब आप किस तरह के रोल करना चाहते हैं...
अब मैं चाहता हूं कि मुझे ज्यादा लीड रोल मिलें। जब मैंने शुरुआत की थी तब मैं खुद कहता था कि लीड रोल जरूरी नहीं होते, अच्छे रोल होने चाहिए, रोल छोटा हो या बड़ा उससे फर्क नहीं पड़ता। उस समय यह भी सोचता था कि अगर कैमियो भी है लेकिन क्रिएटिव है, दिलचस्प है, तो वह भी करना चाहिए। मेरे लिए तब काम की क्वालिटी और उसमें क्रिएटिव संतोष ज्यादा मायने रखता था...न कि स्क्रीन टाइम या पोजिशन। लेकिन अब लगभग दस साल हो गए हैं जब मुझे लीड रोल नहीं मिले हैं। तो अब नैचुरली लगता है कि मिलने चाहिए। एक समय के बाद आपको यह महसूस होता है कि आप और भी बहुत कुछ कर सकते हैं.. और शायद आपको उस तरह के मौके नहीं मिल रहे। इसलिए अब चाहत है कि ऐसे रोल आएं जहां मैं कहानी को लीड कर सकूं और अपने आपको उस तरह एक्सप्लोर कर सकूं।

रणवीर शौरी - फोटो : इंस्टाग्राम
इसके पीछे क्या वजह देखते हैं?
इसमें मेरे हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है। मैं न प्रोड्यूसर हूं, न डायरेक्टर। वही लोग तय करते हैं कि किसे कौन सा रोल मिलेगा। हमारे यहां अक्सर आपको उसी तरह के रोल मिलते हैं, जिसमें आप पहले सफल रहे हैं। अगर आपने सपोर्टिंग रोल में ज्यादा सफल फिल्में की हैं तो आपको वही रोल बार-बार मिलते हैं। शायद यही वजह है कि मुझे अब लीड रोल के ऑफर कम मिलते हैं।

इंडस्ट्री को लेकर कोई ऐसी धारणा जो आपको गलत लगती है
हां, एक बहुत आम बात है कि लोग सोचते हैं कि अगर आप एक्टर हैं तो आप जरूर अमीर होंगे। अगर उन्होंने आपको कुछ फिल्मों में देखा है तो उन्हें लगता है कि आपके पास बहुत पैसा होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। हकीकत अलग होती है।

रणवीर शौरी - फोटो : इंस्टाग्राम
नई पीढ़ी के एक्टर्स के लिए क्या कहना चाहेंगे
नई पीढ़ी के एक्टर्स के लिए मैं यही कहूंगा कि मौके सिर्फ टैलेंट और एबिलिटी के आधार पर मिलते हैं। जेनरेशन के आधार पर कोई फर्क नहीं होना चाहिए। कई बार इंडस्ट्री में एक तरह का जेनरेशनल बायस देखने को मिलता है, जहां कुछ लोगों को सिर्फ बैकग्राउंड या पहचान की वजह से ज्यादा मौके मिल जाते हैं और बाकी लोगों को खुद को साबित करने में ज्यादा समय लग जाता है। लेकिन आखिर में जो टिकता है, वह टैलेंट ही होता है। इसलिए नए एक्टर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने काम पर ध्यान दें, अपनी स्किल्स पर काम करें और लगातार बेहतर बनने की कोशिश करें। मौके देर से मिलें या जल्दी, लेकिन अगर आपके अंदर काबिलियत है तो वह दिखती जरूर है।

रणवीर शौरी - फोटो : सोशल मीडिया
टीटी और थिएटर में से आप क्या पसंद करते हैं
थिएटर मेरा पहला प्यार है। सिनेमा हॉल में फिल्म देखने का अनुभव अलग ही होता है और उसे रिप्लेस नहीं किया जा सकता। लेकिन ओटीटी भी बहुत जरूरी है। इससे बहुत लोगों को काम मिला है और ऑडियंस के लिए भी चीजें आसान हो गई हैं। अब आप जब चाहें, जहां चाहें फिल्म देख सकते हैं।

इस समय आपके लिए सफलता का मतलब क्या है
अब इस स्टेज पर सफलता का मतलब मेरे लिए बहुत अलग और ज्यादा साफ हो गया है। मेरे लिए सफलता यही है कि मुझे सिर्फ पैसों के लिए काम न करना पड़े और मैं उन लोगों के साथ काम कर सकूं जिनके साथ मैं सच में काम करना चाहता हूं। यानी काम एक मजबूरी न रहे, बल्कि एक चुनाव हो। आप वही प्रोजेक्ट करें जिसमें आपको क्रिएटिव संतोष मिले, जिन लोगों के साथ काम करके आपको खुशी मिले। मेरे लिए अब सफलता का मतलब यही है कि मुझे उस तरह की आजादी मिल सके।
विज्ञापन

रणवीर शौरी - फोटो : इंस्टाग्राम
अपने युवा दिनों के खुद को क्या सलाह देंगे
डिसिप्लिन। अगर आप अनुशासित होते हैं तो आप बहुत समय, मेहनत और दिल टूटने से बच सकते हैं। यह चीज मुझे थोड़ी देर से समझ आई।

बिग बॉस से आपको क्या फायदा हुआ?
बिग बॉस से मुझे पहचान जरूर मिली, इसमें कोई दो राय नहीं है। सच कहूं तो मुझे खुद अंदाजा नहीं था कि इतने लोग यह शो देखते हैं। शायद जितने लोगों ने मुझे बिग बॉस में देखा, उतना उन्होंने मेरे पूरे 25 साल के एक्टिंग करियर में नहीं देखा होगा। उस हिसाब से विजिबिलिटी काफी बढ़ी। लेकिन जहां तक काम के मौकों की बात है, तो ऐसा नहीं है कि उससे मुझे कोई खास फर्क पड़ा हो। मैं यह नहीं कह सकता कि बिग बॉस के बाद मुझे ज्यादा ऑफर मिलने लगे या मेरे लिए चीजें अचानक बदल गईं। विजिबिलिटी मिली, लोग पहचानने लगे, लेकिन प्रोफेशनली नए मौके उसी हिसाब से नहीं बढ़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें