आपने अदिति गोवित्रिकर को ‘बाज’, ‘पहचान’, ‘हम कौन हैं?’ जैसी फिल्मों में देखा होगा। मॉडलिंग की दुनिया में भी बड़ा नाम रहा। साल 2001 में मिसेज वर्ल्ड बनने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, लेकिन इन सबके पहले उनकी पहचान एक डॉक्टर की थी और दिलचस्प बात यह है कि इतने साल बाद भी वह पहचान उनसे कभी दूर नहीं हुई। नेशनल डॉक्टर्स डे पर अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में अदिति ने बताया कि जिंदगी उन्हें फिल्मों तक जरूर ले आई, लेकिन लोगों की मदद करने का सपना आज भी वैसा ही है।
अदिति गोवित्रिकर
- फोटो : इंस्टाग्राम-@aditigovitrikar
स्टार बन गईं, लेकिन दिल में एक सपना कभी नहीं बदला
फिल्मों में नाम और पहचान मिलने के बाद अदिति की जिंदगी बदल चुकी थी। लेकिन लोगों की मदद करने की इच्छा कहीं नहीं गई। अदिति कहती हैं, ‘मेरे मन में हमेशा से यही था कि मुझे लोगों के लिए कुछ करना है। शायद यही वजह थी कि मैं 2014 में दोबारा पढ़ाई करने गई। मैंने दो मास्टर्स किए और उनमें से एक हार्वर्ड से मनोविज्ञान में था। मुझे लगा कि अगर सच में लोगों की मदद करनी है, तो सिर्फ शरीर को समझना काफी नहीं है। इंसान के मन को समझना भी उतना ही जरूरी है। मैं शारीरिक और मानसिक, दोनों स्तर पर लोगों के लिए काम करना चाहती थी।’
अदिति गोवित्रिकर
- फोटो : इंस्टाग्राम-@aditigovitrikar
फिल्मों में आ गईं, लेकिन डॉक्टर आज भी हर दिन काम आता है
अदिति आज भी लोगों के मेंटल हेल्थ से जुड़े मामलों पर काम कर रही हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर की पढ़ाई आज भी उनके हर दिन के काम का हिस्सा है। वह कहती हैं, ‘आज मैं काउंसलिंग करती हूं। कई बार लोग सोचते हैं कि अगर कोई परेशानी मानसिक है, तो वजह भी वही होगी, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार शरीर के अंदर हो रहे बदलाव, हार्मोनल बदलाव या दूसरी चीजें उसकी वजह बनती हैं। डॉक्टर होने की वजह से मैं पहले उसे समझ पाती हूं और फिर उसी हिसाब से आगे काम करती हूं।’
अदिति गोवित्रिकर
- फोटो : इंस्टाग्राम-@aditigovitrikar
इतने साल बाद भी ‘डॉक्टर’ शब्द सुनते ही सबसे पहले यही महसूस होता है
फिल्मों की चमक, मॉडलिंग की दुनिया, शोहरत… सब अपनी जगह है। लेकिन अदिति के लिए ‘डॉक्टर’ शब्द आज भी सबसे खास है। वह कहती हैं, ‘डॉक्टर कहलाने के साथ जिम्मेदारी अपने आप आ जाती है। आखिर एक डॉक्टर क्या करता है… वह लोगों को ठीक करने की कोशिश करता है। उन्हें बेहतर महसूस कराने की कोशिश करता है। मेरे लिए हमेशा यही सबसे बड़ी बात रही है कि आप किसी इंसान की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। शायद इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं होती।’
सच यह है… उन्होंने कभी अभिनेत्री बनने का सपना देखा ही नहीं था
अभिनेत्री हंसते हुए कहती हैं, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अभिनेत्री बनूंगी। मैं हमेशा डॉक्टर बनना चाहती थी। बचपन से बस यही सपना था कि लोगों की मदद करनी है, लोगों को ठीक करना है। डॉक्टर बनना ही मेरी पहली पसंद थी। एक्टिंग के बारे में मैंने कभी सोचा तक नहीं था। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान मैंने मॉडलिंग शुरू की, लेकिन तब मेरे दिमाग में यही था कि यह बस थोड़े समय के लिए है।’
अदिति गोवित्रिकर
- फोटो : इंस्टाग्राम-@aditigovitrikar
लगा था थोड़े दिन करूंगी… लेकिन जिंदगी ने अपना फैसला सुना दिया
शुरुआत में अदिति को लगा था कि मॉडलिंग बस कुछ समय की बात है और फिर वह अपनी पुरानी दुनिया में लौट जाएंगी। लेकिन जिंदगी ने उनके लिए कुछ और तय कर रखा था। वह कहती हैं, ‘मैंने सोचा था कि बस एक साल के लिए यह करूंगी। लगा था वापस लौट जाऊंगी। लेकिन मुझे खुद पता नहीं चला कि वह एक साल कब खत्म हो गया। धीरे-धीरे सब बदलता गया। कई बार हम बहुत प्लानिंग करते हैं, लेकिन आखिर में होता वही है जो ऊपरवाले ने हमारे लिए तय किया होता है।’
डॉक्टर बनने से बस एक कदम दूर थीं… तभी लेना पड़ा सबसे बड़ा फैसला
यह शायद उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल मोड़ था। एमबीबीएस पूरा हो चुका था। मुंबई के ग्रांट मेडिकल कॉलेज और सर जे. जे. अस्पताल में गायनाकोलॉजी में एमडी की सीट भी मिल चुकी थी। मतलब डॉक्टर बनने का सपना लगभग पूरा हो चुका था। अदिति उस दौर को याद करते हुए कहती हैं, ‘वह बहुत मुश्किल समय था। मैंने एमबीबीएस कर लिया था। एमडी की सीट भी मिल चुकी थी। एक तरफ डॉक्टर बनने का सपना था, जिसके लिए मैंने इतनी पढ़ाई की थी और दूसरी तरफ यह नई दुनिया सामने थी। मुझे समझ आ गया था कि दोनों चीजें साथ नहीं चल सकतीं। लोग सोचते हैं फिल्मों की दुनिया आसान होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। दोनों जगह आपको पूरा समय देना पड़ता है। उस वक्त मैं सच में डरी हुई थी, क्योंकि पहली बार मुझे तय करना था कि डॉक्टर बनूं या अभिनय की दुनिया चुनूं।’ आखिरकार अदिति ने अभिनय चुना।
अदिति गोवित्रिकर
- फोटो : इंस्टाग्राम-@aditigovitrikar
‘दोनों क्यों नहीं...'
जब उनसे पूछा गया कि आज अगर डॉक्टर और अभिनेत्री में से एक चुनना हो, तो वह क्या चुनेंगी? अदिति मुस्कुराईं और बोलीं, ‘दोनों क्यों नहीं।’