संजय और नीना कहानी को जी लेते हैं
आगे लव कहते हैं, ‘फिल्म की असली रीढ़ उसकी कास्ट है। संजय मिश्रा और नीना गुप्ता इस कहानी की आत्मा हैं। इन्हें लीड में लेना सबसे सही फैसला था। यह अभिनय नहीं करते, बल्कि कहानी जीते हैं। उनके चेहरे की खामोशी और सच ही कहानी की धड़कन बन जाता है।’
एक ही स्वाद बार-बार नहीं चलता
आमतौर पर रॉम-कॉम फिल्में करने वाले लव रंजन ने यहां अपनी यात्रा पर भी बात की। वे बोले, ‘निर्माता बनने से पहले मैं ऑडियंस हूं। मुझे अलग टोन की फिल्में देखना पसंद है। अगर मैं एक ही तरह की फिल्में बनाऊं तो सबसे पहले मैं खुद बोर हो जाऊंगा इसलिए हल्की फिल्में भी बनाता हूं और गंभीर भी।’
कंटेंट अब सितारों से भी ऊपर है
इंडस्ट्री के तौर तरीकों पर बात करते हुए लव ने कहा, ‘स्टार्स जरूरी हैं लेकिन सिर्फ नाम से टिकट नहीं बिकती। अगर कहानी कमजोर है तो स्टार भी फिल्म नहीं बचा पाता। आज कंटेंट और स्टारडम बराबर की कुर्सी पर बैठे हैं, कई बार तो कंटेंट ही आगे निकल जाता है।’
थिएटर आने का ठोस कारण दिया जाए
अंत में लव कहते हैं, ‘ओटीटी के इस दौर में ऑडियंस पूछती है कि यह फिल्म बड़े पर्दे पर क्यों देखें? अगर फिल्म के पास इसका जवाब नहीं है तो लोगों को थिएटर तक बुला पाना मुश्किल है। असली टेस्ट यही है कि क्या आपकी कहानी ऑडियंस को सीट से बांधे रखती है। और अगर कहानी सच्ची और असरदार हो, तो बॉक्स ऑफिस अपने आप आता है।'
लव रंजन के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
- अजय देवगन और संजय दत्त के साथ एक एक्शन फिल्म शूट कर चुके हैं, जो इस साल रिलीज होगी। इसकी ऑफिशियल अनाउंसमेंट पहले ही की जा चुकी है।
- मार्च से सौरव गांगुली की बायोपिक पर काम शुरू करेंगे। इस बारे में अभी अधिक जानकारी नहीं दी गई है।