आज का संगीत तेज, लेकिन जल्दी मिट जाता है
‘आज का संगीत तेज है, ज्यादा शोर वाला है और बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। हमारे समय में हम ऐसे गाने बनाते थे, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहते थे। कॉलोनियल कजिन्स ने जो मेल-मिलाप शुरू किया था, वह बाद में ट्रेंड बन गया। हम गानों को समय देते थे, उन्हें जल्दबाजी में नहीं डालते थे। ‘यारों’, ‘दोस्ती’, ‘पल’ जैसे गाने लोगों की जिंदगी का हिस्सा बने। यारों ने केके को पूरे देश में पहचान दिलाई। यह मेलोडी का दम था, किसी प्रचार का नहीं।
एल्टन जॉन के मैनेजर ने मुझे और हरिहरन को बताया था कि एल्टन जॉन हमारे संगीत को पसंद करते हैं। यह सब तब हुआ जब सोशल मीडिया नहीं था। आज किसी पंक्ति की उम्र दो घंटे, दो दिन या दो महीने होती है। लेकिन अच्छा संगीत कभी नहीं मरता।’
‘यारों’ और ‘दोस्ती’ पर केके की यादें आज भी ताजा
‘मेरी प्रेरणा हमेशा भावना, सरलता और सच्चाई रही है। ‘यारों’ को हमने कोई बड़ा एंथम बनाने के लिए नहीं बनाया था। वह सच्चा था, इसलिए लोगों के दिलों में बस गया। केके की आवाज बिल्कुल साफ और दिल से होती थी। उसमें कोई दिखावा नहीं था।
जब वह गाते थे, तो उनकी आवाज में एक मासूमियत होती थी। ऐसी सच्ची आवाज आज बहुत कम मिलती है। हम इतिहास बनाने नहीं बैठे थे। हम बस संगीत महसूस कर रहे थे। केके की वही सच्चाई ‘यारों’ में उतर गई।’
वायरल गाने तरीका हैं, लेकिन पहचान प्रतिभा तय करती है
‘वायरल गाने एक तरीका हैं। असली नींव कलाकार की प्रतिभा है। तरीके चमकते हैं, लेकिन असली टैलेंट लंबे समय तक चलता है। लाइनें आती-जाती रहती हैं, लेकिन धुनें याद रहती हैं। कुछ कलाकार सिर्फ नंबरों के लिए गाते हैं। कुछ अपने सुनने वालों के लिए। कुछ अपनी पहचान और विरासत के लिए। सोशल मीडिया के नियम बदलते रहते हैं, लेकिन भावनाएं नहीं बदलतीं।’
यह खबर भी पढ़ेंः The Kerala Story 2 Review: पहले पार्ट से कितनी अलग है ‘द केरल स्टोरी 2’? कहां कमजाेर पड़ी फिल्म? पढ़ें रिव्यू
गलती रीमेक में नहीं, नीयत में होती है
रीमेक गलत नहीं होते, लेकिन नीयत गलत हो तो वह खराब लगते हैं। जब मैंने ‘राहुल एंड आई’ किया था, तो लोगों ने पूछा क्यों। जवाब था कि रचयिता को मुझ पर भरोसा था कि मैं मूल की आत्मा को नहीं बदलूंगा। आसानी के लिए बनाए गए रीमेक यादें मिटा देते हैं। सम्मान से बनाए गए रीमेक यादों को जिंदा रखते हैं। दिक्कत तब होती है जब असली गायकों के नाम हटा दिए जाते हैं। इतिहास इसलिए नहीं खोता कि संगीत आगे बढ़ गया, इतिहास तब खोता है जब उसे हटाया जाता है। अच्छा रीमेक पुराने को सलाम भी करता है और नए समय से बात भी करता है।’