हिमानी शिवपुरी-शाहरुख खान
- फोटो : सोशल मीडिया
वो एक्टिंग करते नहीं, हर पल जीते हैं
शाहरुख के 60वें जन्मदिन पर अमर उजाला ने हिमानी से खास बात की। उन्होंने कहा, ‘फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में मेरा और शाहरुख एक सीन था जिसमें मैं साड़ी में खड़ी थी और वो दूर खड़े होकर फल खा रहे थे। कैमरे में हम दोनों एक फ्रेम में थे, लेकिन असल में हम एक-दूसरे के सामने नहीं खड़े थे। यह सीन हमने अलग-अलग शूट किया था। फिर भी शाहरुख ने हर इशारा और रिएक्शन इतनी परफेक्ट टाइमिंग के साथ दिया कि सीन जादू बन गया। यही तो उनकी खूबी है, वो सिर्फ एक्टिंग नहीं करते, वो हर पल को जीते हैं। शाहरुख थिएटर से इस इंडस्ट्री में आए थे, इसलिए उन्हें सीन की रिदम और साइलेंस की अहमियत पता थी। शायद इसलिए वो सीन आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।’
उन्होंने याद था कि वो मेरी फिल्म में एक्स्ट्रा थे
आगे हिमानी बताती हैं कि उनकी शाहरुख से पहली मुलाकात भी बहुत यादगार थी। उन्होंने कहा- ‘शायद 90 के दशक की शुरुआत थी। किसी स्क्रीनिंग पर शाहरुख मेरे पास आए और बोले...आपको मैं याद नहीं होऊंगा पर मैं आपकी पहली फिल्म में एक्स्ट्रा था। मैं चौंक गई। फिर उन्होने बताया कि दिल्ली में प्रदीप कृष्ण की फिल्म में उन्होंने एक छोटा सा रोल किया था। उस वक्त मैंने सोचा, इतना बड़ा स्टार बन जाने के बाद भी अपने शुरुआती दिनों को याद रखना और उस पर गर्व करना, ये बहुत बड़ी बात है।’
शाहरुख क्यों हैं दिलों के बादशाह?
हिमानी आगे कहती हैं, ‘सेट पर शाहरुख हमेशा एनर्जेटिक रहते थे। वो हर किसी से बराबरी से मिलते थे, चाहे स्पॉट बॉय हो या सीनियर एक्टर। उनमें कभी अहंकार न था, न है। एक बार तो हम किसी शादी में मिले थे। चारों तरफ फैंस की भीड़ थी, लेकिन उन्होंने हर किसी को मुस्कुराकर देखा और फोटो खिंचवाई। वो हर इंसान को महसूस कराते हैं कि वो मायने रखता है, इसलिए लोग उन्हें दिलों का बादशाह कहते हैं।’
मुझे बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक बताया
हिमानी एक और याद साझा करते हुए बताती हैं, ‘एक दिन पत्रकारों ने मुझे फोन किया और बताया कि शाहरुख ने अपने एक इंटरव्यू में दुनिया की दस बेहतरीन अभिनेत्रियों में मेरा नाम लिया है। उन्होंने मुझे बताया भी नहीं था। जब मैंने पढ़ा तो दिल भर आया। इतना बड़ा स्टार और इतनी सच्चाई, यही उनकी खूबसूरती है।’
मुश्किल वक्त में वो हमेशा शांत रहते हैं
वो आगे कहती हैं, ‘हर कलाकार के करियर में एक समय ऐसा आता है जब सब कुछ उम्मीद के मुताबिक नहीं चलता। शाहरुख के साथ भी ऐसा हुआ। कुछ फिल्में नहीं चलीं, मीडिया ने कहा उनका दौर खत्म हो गया। लेकिन उन्होंने कभी सफाई नहीं दी, बस मुस्कुराकर आगे बढ़ते रहे। दरअसल, ये उनकी पुरानी आदत है। जब भी जिंदगी में कोई मुश्किल वक्त आता है या करियर थोड़ा धीमा पड़ता है, वो हमेशा शांत रहना पसंद करते हैं। वो शोर नहीं मचाते, बस भीतर से और मजबूत हो जाते हैं। वो जानते हैं कि वक्त सबसे अच्छा जवाब देता है और हुआ भी वही। बाद की फिल्मों से उन्होंने सबको याद दिलाया कि असली स्टार कौन है।’
उनकी यह आदत अमिताभ जैसी है
आर्यन खान के मुद्दे पर बात करते हुए हिमानी दुख जताती है। वो बोलीं, ‘जब उनके बेटे आर्यन पर मुश्किल वक्त आया तो पूरा देश उनके खिलाफ बोल रहा था। लेकिन उन्होंने एक शब्द भी किसी के खिलाफ नहीं कहा। वो चुप रहे, गरिमा से। वो अपने दर्द को शोर नहीं बनाते, उसे ताकत बना लेते हैं। आज के दौर में जब हर कोई सोशल मीडिया पर बोलता है, शाहरुख उस भीड़ से अलग हैं। वो जानते हैं कि इज्जत चुप्पी में होती है। वो मुझे अमिताभ बच्चन जी की याद दिलाते हैं। दोनों में वही शालीनता और गरिमा है। ऐसे लोग तूफान में भी खड़े रहते हैं, टूटते नहीं।’
हिमानी शिवपुरी-शाहरुख खान
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उनका दिल आज भी चमकदार है
अंत में हिमानी ने कहा, ‘आज जब मैं शाहरुख को देखती हूं तो लगता है वो अब भी वही लड़का है जो सेट पर सबको हंसाता था। बस अब बालों में थोड़ा सिल्वर आ गया है, लेकिन दिल उतना ही चमकदार है। उनकी मुस्कान में वही सच्चाई है, वही मोहब्बत। वो सिर्फ फिल्मों का नहीं, इंसानियत का आइकन हैं। शाहरुख हमें सिखाते हैं कि मेहनत, मोहब्बत और विनम्रता साथ चलें तो कायनात खुद झुक जाती है। मैं उन्हें दिल से शुभकामनाएं देती हूं। खुश रहिए, मुस्कुराते रहिए और हमेशा यूं ही अपनी मोहब्बत से दुनिया को रोशन करते रहिए।’