रोमांस में तो शाहरुख खान बाप हैं
फरहाद सामजी ने आगे कहा कि कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें शाहरुख जैसे एक्टर को समझाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। अब रोमांस मुझे उनको क्या सिखाना। उसमें तो शाहरुख खान बाप हैं, उनको कोई नहीं सिखा सकता।
लेकिन हां, इस तरह की कॉमेडी का एक अलग टोन होता है, अलग रिदम होती है। वहां नरेशन से बहुत चीजें साफ हो जाती हैं कि ये सीन किस तरह खेला जाएगा। इसीलिए मैं भले ही फिल्म का लेखक होता हूं, लेकिन मेरी जरूरत सेट पर ज्यादा होती है।
सिंघम की शूटिंग के दौरान अजय देवगन और रोहित शेट्टी
- फोटो : सोशल मीडिया
‘सिंघम’ के सेट पर रोहित शेट्टी ने तीन घंटे शूटिंग रुकवा दी थी
बातचीत के दौरान फरहाद ने 'सिंघम' का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि ‘सिंघम’ की शूटिंग का पहला दिन था। पहला ही दिन क्लाइमेक्स सीन था। वह सीन था जहां प्रकाश राज अजय देवगन से कहते हैं, ‘चीटिंग करता है तू चीटिंग करता है।’
अब आप समझो बेचारे एक्टर्स लोग कौन कहां से आया है। कोई फ्लाइट पकड़कर आया है। कोई सीधा वैनिटी से सेट पर आया है। लेकिन उनको ये कैसे समझ आएगा कि ढाई घंटे की फिल्म में अभी तक क्या हुआ है। क्लाइमेक्स में उनका भाव क्या होना चाहिए।
यहीं पर निर्देशक रोहित शेट्टी ने पूरा शूट रुकवा दिया। फरहाद ने बताया कि रोहित शेट्टी ने शूट शुरू करने से पहले पूरा शेड्यूल रोक दिया। उन्होंने कहा कि पहले नरेशन होगा। पूरी यूनिट को बैठाया गया। करीब तीन घंटे तक मेरा नरेशन रखा गया।
मैंने पूरी फिल्म शुरू से आखिर तक सुनाई, ताकि सबको समझ आए कि क्लाइमेक्स तक पहुंचने से पहले कहानी में क्या-क्या हुआ है। सबने कहानी सुनी। सबने उस पूरी जर्नी को फील किया। उसके बाद जाकर हमने वो सीन स्टार्ट किया।
कई सीन कागज पर समझ में नहीं आते
फरहाद ने 'वेलकम टू द जंगल' का एक मजेदार सीन भी साझा किया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक फोन वाला सीन है। चार लोग फोन पर लगे हुए हैं। अब वो कागज पर नहीं आ सकता।
मान लो सुनील शेट्टी परेश रावल को बोल रहे हैं - ‘तू सामने है, नहीं तो मैं तेरे को…। फोन पर बोल रहा है। फिर कह रहा है सामने होता तो मार देता। सामने से जवाब आता है... अरे सामने ही तो खड़ा है।
अब ये सीन सब कागज पर उतना मजेदार नहीं लगेगा। लेकिन जब आप उसको इन-एक्ट करके दिखाओगे, तभी समझ आएगा कि सीन में कॉमेडी कहां पैदा हो रही है। कई चीजें ऐसी होती हैं जो कागज पर उतनी असरदार लगती ही नहीं हैं। वो तभी समझ आती हैं जब आप करके दिखाते हो।