लोग मुझे पाकिस्तानी ही समझ रहे हैं
फिल्म रिलीज होते ही सबसे अजीब और थोड़ा चौंकाने वाला रिएक्शन यही आया कि लोग मुझे पाकिस्तानी समझने लगे। सच कहूं तो मुझे खुद समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों लग रहा है, लेकिन मैं साफ कहना चाहता हूं कि मैं भारतीय हूं। मैं सिर्फ एक किरदार निभा रहा हूं, उससे ज्यादा कुछ नहीं।
प्रोपेगेंडा है या नहीं, ये पब्लिक ही तय करे
फिल्म को लेकर प्रोपेगेंडा वाली बात भी काफी सामने आई है। इस पर मेरा जवाब सीधा है कि जो घटनाएं दिखाई गई हैं, वो कोई बनाई हुई कहानी नहीं बल्कि सच हैं। अब उस सच को आप कैसे देखते हैं, उसे क्या नाम देते हैं, यह पूरी तरह आपका नजरिया है।
जहां तक सेट के माहौल की बात है, वहां कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि हम किसी एजेंडा के साथ काम कर रहे हैं। हर कोई अपने काम पर ध्यान दे रहा था और वह भी पूरी प्रोफेशनल तरीके से।
आदित्य उप्पल और आदित्य धर
- फोटो : इंस्टाग्राम-@adityauppal
आदित्य और यामी बेहद सादे लोग हैं
निर्देशक आदित्य धर की बात हो रही है तो उनकी पत्नी और अभिनेत्री यामी गौतम का जिक्र होना जरूरी है। सच कहूं तो वो सिर्फ उनका सपोर्ट सिस्टम ही नहीं, उनकी ताकत भी हैं। मुझे उनसे सेट पर थोड़ी देर के लिए मिलने का मौका मिला था, लेकिन उतने में ही समझ आ गया कि वो कितनी शांत, जमीन से जुड़ी और साथ ही कितनी प्रोफेशनल हैं। आदित्य और यामी दोनों ही ऐसे लोग हैं जो शोर नहीं करते, बस काम करते हैं। उनका सर्कल छोटा है, लाइफ सिंपल है, लेकिन सोच बहुत साफ है।
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एक्टर्स ने बॉडी डबल्स का इस्तेमाल किया
एक्शन की बात करें तो हां, ज्यादातर सीन हमने खुद किए हैं। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जहां बॉडी डबल्स का इस्तेमाल करना ही समझदारी है। बड़े जंप्स हों या रिस्की स्टंट्स, वहां हीरो बनने की कोशिश में खुद को चोट पहुंचाना कोई समझदारी नहीं है।
आदित्य उप्पल और मुकेश छाबड़ा
- फोटो : इंस्टाग्राम-@adityauppal
एक कॉल और जिंदगी का ट्रैक बदल गया
अगर मैं अपने सफर की बात करूं, तो यह सब एक कॉल से शुरू हुआ जो मुकेश छाबड़ा के ऑफिस से आया था। उस समय मैं एक्टिंग में बहुत एक्टिव नहीं था, अपना छोटा सा काम संभाल रहा था। लेकिन फिर भी सोचा कि एक बार कोशिश करके देखते हैं। ऑडिशन दिया, फिर एक और राउंड हुआ, फिर लुक टेस्ट तक पहुंचा। उस वक्त लग रहा था कि शायद बात बन रही है, लेकिन फिर अचानक सब खत्म जैसा हो गया। कोई कॉल नहीं, कोई खबर नहीं। मैंने भी सोचा कि चलो, यह भी हो गया।
करीब पंद्रह दिन बाद फोन आया कि मैं सिलेक्ट हो गया हूं। और जब पता चला कि इस प्रोजेक्ट को आदित्य धर डायरेक्ट कर रहे हैं, तो वह मेरे लिए एक बड़ा मोमेंट था। मैं पहले से उनका फैन था, तो यह मौका मेरे लिए और भी खास हो गया।