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इंटरव्यू: ‘रामायण’ में लक्ष्मण के लिए दिया था ऑडिशन, मगर मिला भरत का किरदार; रणबीर से जुड़ा किस्सा किया साझा

सार

Addinath Kothare Interview: नित्तेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' में भगवान राम के भाई भरत की भूमिका निभा रहे अभिनेता आदिनाथ कोठारे ने फिल्म से जुड़े कई अनसुने किस्से साझा किए हैं।
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आदिनाथ कोठारे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में आदिनाथ कोठारे भरत की भूमिका निभा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने शुरुआत में लक्ष्मण के किरदार के लिए ऑडिशन दिया था। करीब छह महीने बाद उन्हें फोन आया कि उन्हें भरत के रोल के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। फिल्म की शूटिंग के दौरान रणबीर कपूर के साथ उनका एक पुराना स्कूल कनेक्शन भी सामने आया। आदिनाथ ने बताया कि कैसे रणबीर ने पहले सीन के दौरान उन्हें एक खास सुझाव दिया। उन्होंने फिल्म की तैयारी, अयोध्या में शूटिंग और डबिंग के दौरान भावुक हो जाने का किस्सा भी साझा किया।
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आदिनाथ कोठारे - फोटो : सोशल मीडिया
पटकथा से वीएफएक्स तक, ‘रामायण’ पर एक दशक से चल रहा है काम
आदिनाथ बताते हैं कि फिल्म की तैयारी कई साल पहले शुरू हो गई थी। वह कहते हैं, ‘फिल्म की पटकथा पर 2016-17 से काम चल रहा है। वीएफएक्स पर 2018-19 से काम हो रहा है। दर्शक पर्दे पर जो देखने वाले हैं, उसके पीछे करीब एक दशक की मेहनत है। इसके लिए बहुत धैर्य, लगातार काम और शोध की जरूरत पड़ी है। पूरी टीम ने इस फिल्म के लिए बहुत मेहनत की है।’
नितेश तिवारी के साथ पहली बार पटकथा सुनने का अनुभव याद करते हुए वह कहते हैं, ‘जब नितेश सर ने हमें पटकथा सुनाई, तब मैं वहां बेहतरीन कलाकारों के बीच बैठा था। उन्होंने स्क्रीन पर अयोध्या, लंका, मिथिला और चित्रकूट की दुनिया दिखाई। उस समय मुझे लगा कि उन्होंने उस एक दिन की नैरेशन के लिए कम से कम सात-आठ साल तैयारी की होगी। उनकी तैयारी देखकर समझ आ रहा था कि इस दुनिया को बनाने में कितनी मेहनत लगी है।’

आदिनाथ कोठारे - फोटो : सोशल मीडिया
‘रामायण’ की कहानियां सुनकर बड़े हुए, अब उसी का हिस्सा 
आदिनाथ का कहना है कि रामायण से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है। ऐसे में इस कहानी का हिस्सा बनना उनके लिए खास है। वह कहते हैं, ‘रामायण की कहानियां सुनकर हम बड़े हुए हैं। यह हमारे दिल और आत्मा में बसी हुई है। इससे जुड़ी भावनाएं हमारे भीतर हैं। ऐसे में इस कहानी का हिस्सा बनना कैसा अनुभव है, इसे शब्दों में समझाना मुश्किल है।’
भरत के किरदार की तैयारी के बारे में वह बताते हैं, ‘जब मैं ‘रामायण’ के सेट पर जाता था, तो वहां एक दैवीय ऊर्जा महसूस होती थी। मैंने अपनी तरफ से तैयारी की, पढ़ाई की और रामायण से जुड़ी जितनी सामग्री मिल सकी, उसे पढ़ने की कोशिश की। लेकिन इस तरह की कहानी के लिए आप कितना भी पढ़ लें, वह कम ही लगता है।’
वह आगे कहते हैं, ‘मैंने नितेश सर और नमित सर के विजन पर भरोसा किया। इतनी बड़ी कहानी को पर्दे पर लाने के लिए उन्होंने जो मेहनत और शोध किया है, वह बहुत अहम है। मैंने नितेश सर की सोच को समझने और उनके तरीके से इस कहानी को पर्दे पर लाने की कोशिश की।’

आदिनाथ कोठारे - फोटो : सोशल मीडिया

लक्ष्मण के लिए ऑडिशन दिया, लेकिन भरत के किरदार के लिए हुआ चयन
आदिनाथ ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले लक्ष्मण की भूमिका के लिए ऑडिशन दिया था। इसके बाद उन्हें भरत के किरदार के लिए चुने जाने की जानकारी मिली। वह कहते हैं, ‘मैंने सबसे पहले लक्ष्मण के किरदार के लिए ऑडिशन दिया था। यह करीब तीन-चार साल पहले की बात है। उसके लगभग छह महीने बाद मुझे फोन आया कि मुझे भरत के किरदार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।’

रणबीर कपूर से स्कूल में हुई थी मुलाकात, ‘रामायण’ के सेट पर फिर याद आए पुराने दिन
रणबीर कपूर और आदिनाथ कोठारे मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल में पढ़ चुके हैं। रणबीर उनसे सीनियर थे। ‘रामायण’ के सेट पर मुलाकात हुई, तो आदिनाथ ने उन्हें स्कूल के दिनों की बात याद दिलाई। वह बताते हैं, ‘रणबीर कपूर और मैं एक ही स्कूल, बॉम्बे स्कॉटिश में पढ़ते थे। वह मुझसे सीनियर थे। जब मैं छठी या सातवीं कक्षा में था, तब हमारे एक साझा दोस्त बिनॉय गांधी ने उनसे मेरा परिचय कराया था। ‘रामायण’ के सेट पर उनसे मिला, तो मैंने उन्हें यह बात याद दिलाई।' फिल्म में दोनों का पहला सीन स्वयंवर के प्रसंग का था। उस दृश्य में रणबीर राम, रवि दुबे लक्ष्मण और आदिनाथ भरत की भूमिका में थे। पहले दिन रणबीर ने आदिनाथ को एक सुझाव दिया, जो उनके काम आया।
वह कहते हैं, ‘हमारा पहला सीन स्वयंवर के प्रसंग का था। हम भाई एक लाइन में खड़े थे। रणबीर राम, रवि दुबे लक्ष्मण और मैं भरत की भूमिका में था। पहले दिन मैं थोड़ा सतर्क था। तभी रणबीर ने मुझे कोहनी से इशारा करके कहा, ‘आदि, यह हावभाव करके देखो। अच्छा लगेगा।’ मैंने वैसा ही किया। नितेश सर ने तारीफ की, तो मैंने उन्हें बताया कि यह सुझाव रणबीर का था।’

आदिनाथ कोठारे - फोटो : सोशल मीडिया
अयोध्या में पहले दिन पूरी कास्ट को देखकर हैरान रह गए थे आदिनाथ
अयोध्या में शूटिंग का पहला दिन भी आदिनाथ को अच्छी तरह याद है। उस दिन राम, लक्ष्मण, सीता, विश्वामित्र और वशिष्ठ जैसे किरदारों को एक साथ देखकर वह मंत्रमुग्ध हो गए थे। वह कहते हैं, ‘अयोध्या में शूटिंग के पहले दिन राम, लक्ष्मण, सीता, विश्वामित्र और वशिष्ठ जैसे किरदारों को अपने सामने देखकर मैं मंत्रमुग्ध हो गया था। उस समय मैं अपने काम पर ध्यान दे रहा था। लेकिन घर लौटने के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैंने उस दिन जो अनुभव किया, वह कितना अद्भुत था।’
वह आगे बताते हैं, ‘पहले दिन पूरी कास्ट वहां मौजूद थी। रणबीर, रवि, साई और बाकी कलाकारों के साथ उस माहौल में होना मेरे लिए किसी अवास्तविक अनुभव जैसा था। घर लौटने के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं कितने बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा हूं।’

आदिनाथ कोठारे - फोटो : सोशल मीडिया
डबिंग करते हुए रो पड़े आदिनाथ, माइक के सामने भर्रा गई आवाज
फिल्म की कुछ पंक्तियों की डबिंग करते समय आदिनाथ को फिल्म की दुनिया की एक झलक देखने को मिली। इसे देखकर वह इतने भावुक हो गए कि उनकी आवाज भर्रा गई।वह कहते हैं, ‘कुछ समय पहले मुझे फिल्म की कुछ पंक्तियों की डबिंग करनी थी। उस दौरान मुझे नितेश सर और नमित सर की बनाई दुनिया की एक झलक देखने को मिली। मैं भावुक होकर रो पड़ा। स्क्रीन और माइक के सामने खड़े-खड़े मेरी आवाज भर्रा गई। यह अहसास बहुत भावुक कर देने वाला था कि मैं इस फिल्म का हिस्सा हूं।’ आदिनाथ इस फिल्म से अपने जुड़ाव को दैवीय अनुभव मानते हैं। वह कहते हैं, ‘रामायण मेरे लिए दैवीय हस्तक्षेप जैसी है। कभी-कभी मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिंदगी में या पिछले जन्म में कुछ अच्छा किया होगा, जिसकी वजह से मुझे इस पवित्र प्रक्रिया का हिस्सा बनने का मौका मिला।’
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आदिनाथ कोठारे - फोटो : सोशल मीडिया
‘नकारात्मक प्रतिक्रियाएं एल्गोरिदम की वजह से ज्यादा दिखती हैं’
‘रामायण’ को लेकर सोशल मीडिया पर आ रही नकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बारे में आदिनाथ का कहना है कि वहां फिल्म को लेकर सकारात्मक उम्मीदें और उत्साह भी है। वह कहते हैं, ‘सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं एल्गोरिदम की वजह से भी ज्यादा दिखाई देती हैं। वहां सकारात्मक उम्मीदें और उत्साह भी है। मुझे फिल्म के निर्माताओं की मेहनत और ईमानदारी पर भरोसा है।’
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