'मैंने कभी बेटे के लिए फिल्म नहीं बनाई'
आमिर ने कहा, 'जुनैद के लिए ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मैं प्रोड्यूसर हूं या उनका पिता हूं तो इसलिए वो मेरी स्क्रिप्ट को हां कह देंगे। जुनैद ने थिएटर सीखा है। लॉस एंजिलिस में। वहां उन्होंने एक साल थिएटर भी किया। यहां आकर उन्होंने मुंबई में प्ले किए। ऑडिशन किए। उन्होंने कभी मुझसे नहीं कहा कि मेरे लिए फिल्म बनाई और मैं भी कभी किसी के लिए फिल्म बनाऊं, वह मेरा तरीका नहीं है। मेरे लिए कहानी से शुरुआत होती है। कहानी आपको मिलनी चाहिए, जो आपको बहुत पसंद आए। फिर उसके साथ बतौर निर्माता और सच्चाई के साथ काम करने की कोशिश करते हैं। जब 'एक दिन' की स्क्रिप्ट जुनैद ने सुनी उन्हें बहुत पसंद आई। साई ने सुनी तो उन्हें भी बहुत पसंद आई। इसलिए वो दोनों इस फिल्म के साथ जुड़े।'
'जुनैद बहुत जिद्दी है… बिल्कुल मेरी तरह'
आमिर खान से जब पूछा गया कि आपकी ऐसी कौन सी छवि है, जो आप जुनैद में देखते हैं। उस पर आपको गर्व है और कोई ऐसी चीज, जिस पर गर्व नहीं है। इस पर आमिर खान ने कहा, 'एक पिता के रूप में मुझे बहुत गर्व होता है कि जुनैद बहुत ही सच्चे इंसान हैं। मोहब्बती इंसान हैं। सबकी बड़ी इज्जत करते हैं। सबसे बहुत अच्छी तरह पेश आते हैं। वे बहुत मेहनती हैं। अपने काम को लेकर बहुत जुनूनी हैं। यह सब देखकर मुझे बहुत ही खुशी होती है। गर्व महसूस होता है। वो अपने डायरेक्टर प्रोड्यूसर्स को बड़ी इज्जत देते हैं।
जो चीज जो मुझे लगता है कि इतनी अच्छी चीज नहीं है शायद और वो चीज मुझमें भी है, वो बहुत जिद्दी हैं। एक चीज जब वो पकड़ लेते हैं या अड़ जाते हैं तो उनका माइंड बदलना बहुत मुश्किल होता है। यह बात मुझमें भी है तो मैं क्या कहूं? वो मेरी छवि से बहुत मेल खाते हैं। वो बहुत ही जहीन और समझदार हैं।
वो कहीं नहीं बताता कि मैं आमिर खान का बेटा हूं
जुनैद बहुत ही मजबूत और समझदार लड़का है। वो अपनी और अपने आसपास की देखभाल बहुत अच्छी तरह करते हैं। उन्हें लेकर मुझे कभी ख्याल नहीं आया कि जुनैद का क्या होगा? वो मुझसे हर चीज में दस कदम आगे हैं। जब वो शुरुआत में आए थे और कास्टिंग डायरेक्टर्स के पास जाता था, ऑडिशन के लिए जाता था तो उसने कभी कहीं ये नहीं बताया कि मैं आमिर खान का बेटा हूं। महाराज भी उसे उसका काम देखकर ही मिली थी। वो अपना रास्ता खुद बनाता है। वो अपना सफर शायद खुद तय करना चाहता है।