हर साल इतनी फिल्मों का होता है प्रमाणन
रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड-19 वाले वर्ष में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने प्रमाणन के लिए प्रस्तुत कुल 8,299 फिल्मों में से 17.77 प्रतिशत में संशोधन या कटौती की सिफारिश की थी। मंत्रालय ने संसदीय स्थायी समिति को बताया कि सीबीएफसी हर साल फुल लेंथ भारतीय फिल्में, भारतीय लघु फिल्में, विदेशी फिल्में और विदेशी लघु फिल्में जैसी विभिन्न श्रेणियों में फिल्मों के लिए लगभग 20,000 प्रमाणपत्र जारी करता है। .
रिपोर्ट में कई बड़ी जानकारी आई सामने
समिति को दी गई जानकारी के अनुसार 2018-19 में कुल 22,570 फिल्में, 2019-20 में 20,593, 2020-21 में 8,299 और 2021-22 में 12,719 फिल्में प्रमाणित की गईं। वहीं, 2022-23 में सीबीएफसी ने 18,070 फिल्मों को प्रमाणित किया था, जिससे पता चलता है कि फिल्म उद्योग कोविड-19 महामारी के प्रभाव से उबरने की राह पर है। समिति ने हाल ही में संपन्न मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश की गई रिपोर्ट में कहा, "सीबीएफसी से प्रमाणन चाहने वाली फिल्मों की संख्या में गिरावट का कारण बताते हुए मंत्रालय ने कहा है कि यह कोविड-19 महामारी के कारण हुआ।"
रिपोर्ट के अनुसार, 2019-20 में सीबीएफसी प्रमाणन प्राप्त करने वाली 20,593 फिल्मों में से बोर्ड ने फिल्म निर्माताओं को 'यू', 'यूए' या 'ए' जैसे कोई भी प्रमाण पत्र देने से पहले 2,785 या 13.52 प्रतिशत फिल्मों में संशोधन या कटौती करने का निर्देश दिया। कट्स अपनाने के बाद सीबीएफसी प्रमाणन प्राप्त करने वाली फिल्मों की संख्या 2020-21 में बोर्ड द्वारा प्रमाणित कुल 8,299 फिल्मों में से 1,475 या 17.77 प्रतिशत थी।
2022-23 के आंकड़े भी आए सामने
इसके अलावा 2021-22 में सीबीएफसी ने फिल्म निर्माताओं को 1,911 फिल्मों या बोर्ड द्वारा प्रमाणित 12,719 फिल्मों में से 15.02 प्रतिशत में संशोधन या कटौती करने के लिए कहा। 2022-23 में मंत्रालय ने एक अप्रैल से 30 सितंबर 2022 के बीच सीबीएफसी द्वारा प्रमाणित फिल्मों का विवरण भी समिति को सौंपा। 2022-23 में 30 सितंबर, 2022 तक प्रमाणित 9,484 फिल्मों में से 1,056 फिल्मों या 11.13 प्रतिशत में संशोधन या कटौती करने के लिए कहा गया था।
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