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टाइगर पर फायरिंग: अभिनेता से मिलने के बाद डिप्टी सीएम शिंदे क्या बोले? कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के गंभीर सवाल

Mon, 19 Oct 2026 06:00 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।

सार

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले और बारामती में कारोबारी पर हमले की घटना से महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ने लगा है। विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस को कटघरे में खड़ा किया है। शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने देर रात अभिनेता से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों की तस्वीर सामने आई है।
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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले से मुंबई में चिंता - फोटो : एएनआई-वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के प्रयास के बाद विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा है। कई नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कानून-व्यवस्था संभालने में अक्षम रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस और एनसीपी नेताओं ने फडणवीस के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य में 'जंगल राज' जैसे हालात का जिक्र किया।

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दरअसल, रविवार को बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में गोली चलाने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। टाइगर श्रॉफ इस घटना में बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी कार के ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई दल बनाए हैं।

गुंडागर्दी पर नकेल कसेगी सरकार: शिंदे

देर रात अभिनेता से मुलाकात करने उनके आवास पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, 'यह एक गंभीर और निंदनीय घटना है... पांच राउंड गोलियां चलाई गईं, सौभाग्य से वह सुरक्षित हैं। उनके ड्राइवर को चोटें आई हैं। अभिनेता से मुलाकात के दौरान पता लगा कि उनके बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोटें आई हैं। वह और उनकी मां दोनों काफी सदमे में हैं... मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि सार्वजनिक हस्तियों को दी जा रही धमकियों से राज्य सरकार सख्ती से निपटेगी। सरकार और पुलिस उनके साथ खड़ी है... किसी भी प्रकार की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 90 के दशक में इस तरह की गैंगवार आम बात थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने 1995 में इन पर रोक लगा दी थी... लोगों को डराने-धमकाने के इन प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम इस गुंडागर्दी का अंत करेंगे'

अभिनेत्री दिशा ने की मुलाकात; दोषियों को दंड पर क्या बोले अभिनेता अमोल?

शिंदे के अलावा अभिनेत्री दिशा पाटनी ने भी टाइगर के उनके आवास जाकर मुलाकात की। फिल्म इंडस्ट्री में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल दिख रहा है। अभिनेता अमोल पाराशर ने कहा, 'यह बहुत ही भयावह स्थिति है... जिसने भी कानून तोड़ा और गलत काम किया है, उसे पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए। अपराध कम करने का तरीका अपराधियों को पकड़ना और उन्हें दंडित करना है। अगर उन्हें सजा नहीं मिली, तो इससे दूसरों को भी गलत काम करने का प्रोत्साहन मिलेगा।'

कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार को घेरा

विपक्ष ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर, जिनके पास गृह विभाग भी है, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महायुति सरकार पर राज्य में "जंगल राज" बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर फडणवीस के नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। सपकाल ने एक्स पर एक संदेश में सवाल किया कि अगर एक अभिनेता मुंबई की सड़क पर गोलीबारी का निशाना बन सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी अब कानून से नहीं डरते और मुख्यमंत्री का पुलिस प्रशासन पर नियंत्रण खत्म हो गया है। सपकाल ने कहा कि फडणवीस मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों में विफल रहे हैं। उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने एक्स पर साझा किए गए संदेश में कहा कि मुंबई अराजकता की चपेट में दिख रही है। उन्होंने फडणवीस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।

क्या मुंबई में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है?

सावंत ने पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी का भी उल्लेख किया। सावंत ने अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं को मिल रही धमकियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार के असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के प्रयासों पर सवाल उठाए। सावंत ने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि जो लोग पहले महाराष्ट्र की तुलना बिहार से करते थे, वे अब कह रहे हैं कि बिहार भी बेहतर है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के लिए एक अलग गृह मंत्री की मांग की। उन्होंने इस स्थिति के लिए फडणवीस को दोषी ठहराया। गायकवाड़ ने एक वीडियो बयान में पूछा कि क्या मुंबई में कानून-व्यवस्था है? क्या पुलिस का पहले जैसा अधिकार और सम्मान अब भी है? क्या अपराधी पुलिस से डरते हैं? उन्होंने कहा, "अगर अभिनेता और राजनीतिक नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो हम आम नागरिकों की सुरक्षा के बारे में क्या कह सकते हैं?"

क्या अपराधी अब कानून से नहीं डरते?

एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि यह घटना ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हालिया हत्या के कुछ दिनों बाद हुई है। पवार ने कहा कि अभिनेता की कार से जुड़ी गोलीबारी की घटना चिंताजनक है, हालांकि अभिनेता बाल-बाल बच गए। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई, जो देश की आर्थिक राजधानी है, में ऐसी घटनाएं निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर सकती हैं। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू आवास के बाहर हुई गोलीबारी का भी उन्होंने जिक्र किया। पवार ने कहा कि अगर स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया है, तो गृह विभाग किसी "सक्षम मंत्री" को सौंप देना चाहिए। एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अपराधी कानून के डर के बिना काम कर रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, "कोयता (हंसिया) लहराने वाले अपराधियों से लेकर बंदूकधारियों तक, अपराधी राज्य में खुलेआम घूम रहे हैं। नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है।"

क्या गृह विभाग को सक्षम मंत्री को सौंपना चाहिए?

क्रास्टो ने मुख्यमंत्री फडणवीस से आग्रह किया कि वे अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को सुरक्षित महसूस कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने गोलीबारी की घटना को बहुत चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह उद्योगपतियों या वीआईपी लोगों के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के लिए एक चेतावनी है। अंधारे ने आरोप लगाया कि सरकार बिश्नोई गिरोह के खिलाफ कुछ नहीं कर पा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार में साहस है, तो वह बिश्नोई गिरोह को कब कुचलेगी? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुंबई में सबसे बड़ा फिल्म उद्योग और कई फिल्म सितारे व वीआईपी रहते हैं, इसके बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

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