ब्राजील एक बार फिर दुनिया की सुर्खियों में है। रियो डी जेनेरियो के दो इलाकों में ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें एक ही दिन में 64 लोगों की मौत और 81 गिरफ्तारियां हुईं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इस पर चिंता जताई है। लेकिन ब्राजील के इन अपराधी नेटवर्क्स की गहराई और भयावहता सिर्फ वास्तविक दुनिया में नहीं, बल्कि हॉलीवुड फिल्मों में भी कई बार दिखाई गई है। रियो की बस्तियों में पलने वाले अपराध और हिंसा की कहानियां कई फिल्मों के जरिए दुनिया भर के दर्शकों के सामने आई हैं। आइए जानते हैं किन-किन फिल्मों ने ब्राजील के ड्रग माफिया को पर्दे पर उतारा।
फास्ट फाइव
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फास्ट फाइव (2011)
'फास्ट एंड फ्यूरियस' सीरीज की यह फिल्म रियो डी जेनेरियो में शूट की गई थी। इसमें एक शक्तिशाली ड्रग किंगपिन हेर्नन रेयेस को दिखाया गया है, जो शहर पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए हर हद पार कर जाता है। तेज कारों, एक्शन और अपराध के बीच यह फिल्म ब्राजील की अंडरवर्ल्ड दुनिया का ग्लैमरस लेकिन खतरनाक रूप दिखाती है। इस फिल्म में विन डीजल, पॉल वॉकर और ड्वेन जॉनसन जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं।
सिटी ऑफ गॉड
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सिटी ऑफ गॉड (2002)
रियो डी जेनेरियो की झुग्गी बस्तियों में पलने वाले बच्चों की कहानी पर बनी यह फिल्म ब्राजील के अपराध तंत्र की सच्ची तस्वीर पेश करती है। निर्देशक फर्नांडो मीरेलेस ने दिखाया कि कैसे गरीबी और अपराध के बीच पैदा हुए बच्चे धीरे-धीरे गैंग वार्स में फंस जाते हैं। 'सिटी ऑफ गॉड' में हिंसा, डर और अपराध की वह दुनिया दिखाई गई है जहां इंसान की जान की कीमत एक गोली से ज्यादा नहीं। इस फिल्म ने हॉलीवुड को दिखाया कि रियो की झोपड़ियों में कैसी खामोश जंग चल रही है।
एलीट स्क्वाड (2007)
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एलीट स्क्वाड (2007)
जोस बस्टोस पडिल्हा के निर्देशन में बनी यह फिल्म ब्राजील की विशेष पुलिस यूनिट BOPE की कहानी है, जो ड्रग माफिया से जंग लड़ती है। इसमें दिखाया गया है कि पुलिस, राजनीति और अपराध की दुनिया कितनी गहराई से एक-दूसरे में उलझी है। 'एलीट स्क्वाड' ने उस सच्चाई को उजागर किया जिसे आम जनता शायद ही कभी जान पाती है। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त सराहना मिली और इसे ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म का सम्मान भी मिला।
एलीट स्क्वाड
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एलीट स्क्वाड: द एनिमी विदिन (2010)
पहली फिल्म का सीक्वल होने के बावजूद इसने ब्राजील के भ्रष्ट राजनीतिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को और भी गहराई से उभारा। कहानी में दिखाया गया है कि जब सत्ता और अपराध हाथ मिलाते हैं तो आम इंसान के लिए न्याय की कोई जगह नहीं बचती। यह फिल्म बताती है कि ब्राजील में ड्रग लॉर्ड्स सिर्फ गलियों में नहीं, बल्कि सत्ता के गलियारों में भी बैठे हैं।
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ट्रैश
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ट्रैश (2014)
तीन गरीब बच्चों की मासूम कहानी के जरिए 'ट्रैश' ब्राजील के समाज की गहराई में छिपे अपराध और भ्रष्टाचार को उजागर करती है। जब बच्चे एक रहस्यमय बैग पाते हैं, तो उनके सामने खुलती है ड्रग और पैसे की वो दुनिया जो मौत से भी ज्यादा डरावनी है। स्टीफन डॉल्ड्री द्वारा निर्देशित यह फिल्म अपराध और इंसानियत के संघर्ष की कहानी कहती है।
नार्कोस (2015–2017)
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नार्कोस (2015–2017)
हालांकि यह सीरीज मुख्य रूप से कोलंबिया के कुख्यात ड्रग लॉर्ड्स पर केंद्रित है, लेकिन इसके कई हिस्सों में ब्राजील को कोकीन तस्करी के ट्रांजिट हब के रूप में दिखाया गया है। बाद के सीजन्स में ब्राजीलियन कनेक्शन और माफिया के विस्तार की झलक भी देखने को मिलती है।
7 प्रिजनर्स (2021)
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7 प्रिजनर्स (2021)
यह फिल्म अपराध की उस भयावह दुनिया को दिखाती है जहां गरीबी में जी रहे युवा ड्रग्स और मानव तस्करी के जाल में फंस जाते हैं। अलेक्जेंड्रे मोराटो द्वारा निर्देशित '7 प्रिजनर्स' आधुनिक ब्राजील की सच्चाई और वहां के अपराध नेटवर्क की गहराई को उजागर करती है।
आउटलॉ (2022)
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आउटलॉ (2022)
नेटफ्लिक्स की यह सीरीज एक युवा महिला की कहानी है जो रियो की फेवला में रहती है और अनजाने में एक खतरनाक ड्रग गैंग के जाल में फंस जाती है। ‘आउटलॉ’ सिर्फ अपराध की कहानी नहीं, बल्कि प्रेम, धोखे और शक्ति की उस लड़ाई को दिखाती है जो फेवला की तंग गलियों से निकलकर पूरी दुनिया में गूंजती है। यह सीरीज़ आधुनिक ब्राजील के अंधेरे और सशक्त दोनों पहलुओं को सामने लाती है।