कोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित तौर पर सीएम योगी के जीवन पर बनाई गई फिल्म 'अजय' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मक आजादी को रोका नहीं जा सकता, जब तक कोई ठोस आधार न हो कि फिल्म से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद है कि जल्द ही निर्माता इसके रिलीज डेट का एलान कर सकते हैं।
सेंसर बोर्ड ने कुछ सीन पर जताई थी आपत्ति
'द मॉन्क हू बिकम चीफ मिनिस्टर' किताब से प्रेरित इस फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा कई आपत्तियों के साथ सर्टिफिकेट देने से इनकार करने के बाद रिलीज में बाधा का सामना करना पड़ा। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कई सीन और डायलॉग पर भी आपत्ति जताई थी। बोर्ड ने मेकर्स से उन्हें एडिट करने को कहा था। अब पीठ ने सीबीएफसी के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म में कुछ कट और एडिट करने की सिफारिश की गई थी। निर्माताओं के वकील रवि कदम और अधिवक्ता सत्य आनंद व निखिल अराधे ने कहा कि फिल्म में तीन पंक्तियों का एक अस्वीकरण शामिल है, जिसमें कहा गया है कि यह काल्पनिक है और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया। यह फिल्म सम्राट सिनेमैटिक्स के बैनर तले बनी है।