जरीन खान, सुजैन खान और जायेद खान
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मां की अंतिम इच्छा थी नदी में प्रवाह किया जाना
इस दौरान जायेद ने अपनी मां की अंतिम इच्छा का भी खुलासा किया। जायेद ने उस दिन को याद किया जब वह एक सुंदर नदी के किनारे बैठी थीं और उनके मन में अचानक यह ख्याल आया कि अगर मैं कभी मर जाऊं, तो मैं चाहती हूं कि मेरी राख इस नदी में बह जाए। मैं मुक्त होना चाहती हूं।
आपकी मां की जो भी अंतिम इच्छा होगी, वही पूरी होगी। दूसरे लोग कुछ भी कहें, कोई फर्क नहीं पड़ता। वे कितने भी नफरत भरे क्यों न हों, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं उन्हें दोष नहीं देता, हालात ऐसे हैं। उन हालातों को बदलने में वक्त लगेगा।