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'उरी' की सफलता पर पहली बार आया यामी गौतम का बयान, बोलीं- 'पूरे करियर की बेस्ट स्क्रिप्ट थी'

Mon, 28 Jan 2019 10:33 AM IST
shubham एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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यामी गौतम - फोटो : amar ujala
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निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'उरी' साल की पहली 100 करोड़ी फिल्म बन चुकी है। फिल्म के हीरो विकी कौशल की चौतरफा तारीफ हो रही है। इन सबके बीच अमर उजाला ने बात की फिल्म की हीरोइन यामी गौतम से और जानना चाहा कि इस कामयाबी पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है?
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yami gautam - फोटो : instagram
उरी की सफलता को लेकर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है?
यह मेरी आज तक की सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट थी। जब मैं फिल्म के डायरेक्टर से पहली बार मिली तो उन्होंने मुझसे एक ही बात कही और वह ये कि हम ऐसी फिल्म बनाएंगे जिस पर आम नागरिक के साथ सेना को भी गर्व हो। जिस हिसाब से डायरेक्टर ने इस विषय की संवेदनशीलता को समझा, हर चीज़ की ज़िम्मेदारी ली तो मेरे हिसाब से इस फिल्म की कामयाबी में सबसे ज्यादा श्रेय उन्हीं का है।

तो क्या नया सीखने को मिला आपको उरी से? 
फिल्म से जुड़े हर शख्स के लिए ये एक अलग अनुभव रहा। देशभक्ति पर वैसे भी ज्यादा फिल्में बनती नहीं है, ऐसे में दर्शकों को पहली बार हिंदी सिनेमा में ऐसा कुछ पहली बार देखने को मिला। मैं बहुत गर्व महसूस करती हूं कि एक ऐसी फिल्म के साथ नाम मेरा जुड़ा जो एक अच्छा संदेश दे रही है। 

yami gautam - फोटो : instagram
हिंदी सिनेमा में बायोपिक्स की बयार बह रही है, आप नहीं कर रहीं कोई बायोपिक?
नहीं, ऐसा कुछ नहीं है कि बायोपिक का मौसम चल रहा है। मेरे हिसाब से तो मुझे नहीं लगता इस साल कोई बायोपिक बन रही है। (मौजूदा समय में हिंदी सिनेमा में 15 से ऊपर बायोपिक बन रही हैं)  जब हमें लगता है कि ऐसा चल रहा है तो ऐसा कर लेते हैं, एक एक्टर होने के नाते मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी।


अच्छा, कभी किसी सीनियर अभिनेत्री को आप अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं? 
मेरा कोई प्रेरणास्रोत नहीं है। लेकिन, मेरा बचपन माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी की फिल्में देखते हुए गुजरा है। रात को मैं यूट्यूब पर पुरानी हीरोइनों के वीडियो जरूर देखती रही हूं जैसे मधुबाला जी,  वैजयंती माला जी,  वहीदा जी और नूतन जी और कोशिश करती रही हूं उनके अदाकारी से उनकी कामयाबी के सूत्र तलाशने की।
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बीते साल बड़े बजट की तमाम फिल्में फ्लॉप हुईं, क्या सबक है इन नाकामियों का?
ये नया दौर राइटर्स और डायरेक्टर्स का आया है जो नई कहानियां लेकर आए हैं और हम उन पर विश्वास कर रहे हैं, और उसी हिसाब से चल रहे हैं। अगर कहानी अच्छी है और दर्शकों के दिल को छू रही है तो अब बजट का कोई फर्क नहीं पड़ता। 
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