ग्लैमर इंडस्ट्री में पुरुषों का दबदबा है लेकिन महिलाओं को अबला नहीं शेरनी बनकर रहना चाहिए। ये मानना है गायिका हार्ड कौर का जो 'लौंग दा लश्कारा' जैसा हिट गाना देने के बाद बॉलीवुड से लगभग गायब सी हो गई थीं। अब 36 साल की हार्ड कौर नया एलबम लेकर आ रही हैं लेकिन पांच साल बाद वापसी कर रही कौर इसे अपना कमबैक नहीं मानती।
उनका कहना है, "मैंने कम, लेकिन लगातार काम किया है। मैं कुछ पंजाबी और तमिल फिल्मों में एक्टिंग कर रही थी और साथ ही स्टेज शो भी किए।" हिंदी सिनेमा से गायब रहने के कारणों के बारे में वे कहती हैं, "मैंने अपने परिवार को समय नहीं दिया था और इसलिए मैं उनके पास लंदन में थी और भारत में ज्यादा सक्रिय नहीं थी।"
हॉर्ड कौर पर शराब पीकर कई पार्टियों में तमाशा करने के कई आरोप लगे। उनके कई वीडियो सामने आए जिनमें नशे में वो गालियां देतीं, अश्लील हरकतें करती नजर आ रही थीं। बॉलीवुड के कई लोगों ने इसके चलते भी उनसे किनारा किया।
हॉर्ड कौर इन आरोपों के बारे में कहती हैं, "मेरा पैदा होना ही विवादित है और हां मैंने गलत जगह गलत बातें की हैं, जो मन में आता है वो बोल देती हूं। लेकिन मैं कभी किसी को परेशान नहीं करती। मैंने अपने भाई को 12 साल की उम्र में खोया है और ऐसे में मुझे ऐसा लगता है कि जिंदगी बहुत छोटी है। जो करना है जल्दी करूं और जिंदगी को अपनी शर्तों पर खुशी से जी लूं।"
'इस संसार में सब कुछ मेल डॉमिनेटेड है'
क्या हॉर्ड कौर अपनी नशे की आदत से निजात पाने के लिए किसी रिहैब में थी। वो कहती हैं, "आप क्यों ऐसे सवाल पूछकर विवाद खडा करना चाहते हो, जो बातें बीत गईं मैं उन्हें फिर नहीं उठाना चाहती।" बॉलीवुड में बिना किसी गॉडफादर के काम करने आई हार्ड कौर निजी जिंदगी में भी काफी अकेली रही हैं। क्योंकि छोटी उम्र में अपने भाई और पिता को खोने के बाद उन्हें अचानक भारत भी छोड़ना पड़ा था।
वो कहती हैं, "बॉलीवुड ही नहीं, पूरी दुनिया में हर जगह महिलाओं के लिए मुश्किलें हैं। इस संसार में सब कुछ मेल डॉमिनेटेड है।" अपने अनुभव को बीबीसी से साझा करते हुए वो कहती हैं, "ये इंडस्ट्री लड़कियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हैं। यहां लड़कों की अपेक्षा लड़कियों को कम पैसे दिए जाते हैं। लड़कियों को दूसरे नंबर पर नहीं बल्कि लड़कों के बराबर रखना चाहिए और लड़कों को चाहिए कि वो लड़कियों का सम्मान करें। लेकिन ऐसा होता नहीं है क्योंकि इंडस्ट्री भी मेल डॉमिनेटिंग है।"
हार्ड कौर ने अपनी नई एलबम से एक बार फिर हिंदी सिनेमा और संगीत की ओर रुख किया है। उनका मानना है कि काम माँगने के लिए वो अपने दबंग एटीट्यूड को बदलेंगी नहीं, क्योंकि महिला को शेरनी बनना चाहिए अबला नहीं।