तमाम ऐक्टरों की जीवन में ऐसे भी मौके आते हैं, जब वे एक के बाद एक फ्लॉप फिल्में देते हैं। इस कठिन दौर से गुजरना और उसके बारे में खुल कर बात करने का जज्बा सबमें नहीं होता। सैफ अली खान की गिनती भी उन्हीं सितारों में होती है जिन्हें अपनी नाकामियों पर बात करते हुए बहुत तकलीफ होती है।
यही कारण है कि उन्हें मीडिया के सामने आना भी अच्छा नहीं लगता। परंतु हाल में उन्हें अपनी अगली फिल्म फैंटम के ट्रेलर लॉचिंग के मौके पर मीडिया से रू-ब-रू होना पड़ा। इसके बाद वही हुआ जिसे लेकर छोटे नवाब डरते हैं। मीडिया ने उनसे यह पूछने में देर नहीं लगाई कि आखिर वह अपनी पिछली फिल्मों के लगातार फ्लॉप होने के लेकर क्या सोचते हैं?
क्या उनसे फिल्मों के चयन में कोई गलती हुई? सैफ ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। यह जरूर हुआ कि वह फैंटम में अपने रोल और बाकी फिल्मी मुद्दों पर बात करते रहे लेकिन उन्होंने अपनी फ्लॉप फिल्मों पर एक भी शब्द नहीं कहा।
फ्लॉप फिल्मों की हैट्रिक बना चुके हैं सैफ
फैंटम से पहले सैफ की तीन फिल्में कतार से फ्लॉप रही हैं। ये हैः बुलैट राजा, हमशकल्स और हैपी एंडिंग। तीनों ही फिल्मों का हाल यह रहा कि ये दर्शकों को तरस गईं। समीक्षकों ने भी इन्हें बहुत खराब बताया और सवाल किए कि आखिर क्या सोच कर सैफ ने इन फिल्मों काम करने का फैसला किया।
बुलैट राजा जहां यूपी के गैंग्सटरों की कहानी थी, वहीं हमशकल्स में सैफ ट्रिपल रोल में थे। यह हाल के वर्षों की सबसे हास्यास्पद फिल्मों में थी। वहीं रोमांटिक कॉमेडी हैपी एंडिंग घिसी पिटी फिल्मों के फार्मूले पर आधारित थी, जिसमें सैफ ने बहुत खराब लुक अपनाए थे।
निश्चित रूप से निर्देशकों की कमी से ज्यादा सैफ पर सवाल उठे कि उनके लिए कहानी चुनने के मापदंड क्या हैं? ऐसे में फैंटम सैफ के लिए कैसा चुनाव साबित होगा, यह देखना अभी बाकी है।
'जब फैंटम साइन की तब मैं जागा हुआ था'
जब मीडिया ने सैफ से पूछा कि क्या आपने यह फिल्म (फैंटम) करने का फैसला सोच-समझ कर किया था? इस पर सैफ चौंके और उन्होंने कुछ मजाकिया अंदाज में कहा, ‘सोच समझकर? जी हां, जब मैं फिल्म साइन कर रहा था तब जागा हुआ था।’ सैफ के इस जवाब से साफ था कि उन्हें सवाल बिल्कुल पसंद नहीं आया।
फैंटम सैफ के करियर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण फिल्म है। इसके बाद उनके पास दो और फिल्में हैं। निर्देशक विशाल भारद्वाज की रंगून और समीर शर्मा की जुगलबंदी।
सैफ जानते हैं कि फैंटम की सफलता उनके कितनी जरूरी है इसलिए वह अपनी ओर से फिल्म के प्रमोशन में कोई कमी नहीं रखना चाहते। देखना होगा कि उनकी मेहतन कितना रंग लाती है।