मलयाली अभिनेत्री गीतू मोहनदास की बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘लायर्स डाइस’ अगले साल होने वाले ऑस्कर पुरस्कारों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। कम-बजट में बनी इस फिल्म को तैयार होने में महज एक महीना लगा। माइग्रेशन के मुद्दे को इस फिल्म में संजीदगी से फिल्माया गया है।
भारत को एकेडमी पुरस्कारों के विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में अब तक ऑस्कर नहीं मिला है। आखिरी बार आशुतोष गोवारिकर की आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘लगान’ ने आखिरी पांच फिल्मों में जगह बनाई थी। इससे पहले ‘मदर इंडिया’ और ‘सलाम बांबे’ ही दो फिल्में ऐसी रही हैं जिन्होंने टॉप फाइव तक का रास्ता तय किया है।
भेजी गई विदेशी फिल्म की कैटेगरी से
सवाल यह उठता है कि क्या इस बार भारत दुनिया के सबसे बड़े कहलाए जाने वाले पुरस्कार को पाने में सफल होगा? क्या ऑस्कर पुरस्कार जीत इतिहास रचेगी फिल्म ‘लायर्स डाइस’। 87 वां एकेडमी पुरस्कार समारोह अगले साल 22 फरवरी को अमेरिका में आयोजित होगा। इस सवाल का जवाब तो तभी मिल पाएगा।
बताते चलें कि हिंदी फिल्म ‘लायर्स डाइस’ 2015 में होने वाले ऑस्कर पुरस्कारों के विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुनी गई है। प्रतिष्ठित फिल्मकार टी हरिहरण की अध्यक्षता वाले 12 सदस्यीय निर्णायक मंडल ने 30 प्रवष्टियों में से 104 मिनट की अवधि वाली इस फीचर फिल्म का चयन किया।
ये फिल्में थी कतार में
उल्लेखनीय है कि ‘लाइर्स डाइस’ ने ‘मैरी कॉम’, ‘शाहिद’, ‘क्वीन’ और ‘मर्दानी’ तथा मराठी फिल्में ‘यलो’ एवं ‘फैंड्री’ और बंगाली फिल्में ‘जतिश्वर’ एवं ‘अपुर पांचाली’ समेत 29 दूसरी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए यह कामयाबी पाई है।
‘लाइर्स डाइस’ भारत-तिब्बत सीमा के पास एक गांव में रहने वाली एक युवा आदिवासी महिला (गीतांजलि थापा) की कहानी है जो अपने लापता पति की तलाश में दिल्ली के लिए निकलती है। रास्ते में उसकी मुलाकात सेना की नौकरी छोड़कर भागे एक व्यक्ति से होती है जिसका किरदार सिद्दीकी ने निभाया है। यह व्यक्ति महिला को उसके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उसके साथ चलने का फैसला करता है।
‘लाइर्स डाइस’ को फिल्म महोत्सवों में सराहना मिल चुकी है। इसे संडांस फिल्म महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव रोटरडैम में दिखाया जा चुका है। फिल्म के लिए गीतांजलि थापा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और गीतू के छायाकार पति राजीव रवि को सर्वश्रेष्ठ छायाकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।