फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ramayana: 'रामायण' के टीजर में भगवान राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' क्यों कहा गया है? क्या है इसका अर्थ

Thu, 02 Apr 2026 01:29 PM IST
Anju Bajpai एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ramayana Teaser: 'रामायण' फिल्म भगवान राम की कथा को दर्शाती है, जिसमें रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में साई पल्लवी, यश, सनी देओल और बाकी कलाकार भी हैं। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म के टीजर में राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहा गया है। आइए जानते हैं इसका अर्थ।
विज्ञापन
रामायण - फोटो : Youtube- World Of Ramayana
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित फिल्म 'रामायण' भारत की सबसे बड़ी और सबसे महंगी फिल्म मानी जा रही है। 'रामायण' के टीजर में भगवान राम के जीवन की झलक दिखाई गई है। इसमें राजकुमार बनने से लेकर वनवास तक का सफर दिखाया गया है। फिल्म में भरपूर एक्शन और शानदार विज़ुअल इफेक्ट्स भी हैं। रणबीर कपूर पहली बार भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं, जिसे देखकर प्रशंसक काफी उत्साहित हैं।

विज्ञापन

'मर्यादा पुरुषोत्तम' का अर्थ
टीजर में भगवान राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहा गया है, जिसे सुनकर कई लोग भावुक हो गए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान राम को यह नाम क्यों दिया जाता है? और आखिर मर्यादा पुरुषोत्तम का मतलब क्या है? 'मर्यादा पुरुषोत्तम' दो शब्दों से मिलकर बना है।
  • 'मर्यादा' का अर्थ है- नैतिक सीमाएं, अच्छे आचरण के नियम और सामाजिक मर्यादा।
  • 'पुरुषोत्तम' का अर्थ है- पुरुषों में सबसे श्रेष्ठ हो।
  • दोनों को मिलाकर इसका मतलब होता है- वह सर्वोच्च पुरुष जो हमेशा उच्चतम नैतिकता और मर्यादा के अनुसार जीवन जीता है।
विज्ञापन

भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों कहा जाता है?
भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह आदर्श इंसान के सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं। 'रामायण' में राम हमेशा व्यक्तिगत सुख से ऊपर धर्म, कर्तव्य और नैतिकता को महत्व देते हैं। उन्होंने पिता की आज्ञा मानकर बिना किसी शिकायत के 14 साल का वनवास स्वीकार कर लिया। वह कभी भी अपनी भावनाओं को अपने कर्तव्यों पर हावी नहीं होने देते।

राम पति, पुत्र, भाई और राजा की भूमिका में सर्वश्रेष्ठ हैं। रावण से युद्ध के समय भी उन्होंने शत्रु के प्रति सम्मान दिखाया और हमेशा मर्यादा का पालन किया। देवताओं के विपरीत, राम ने एक साधारण इंसान की तरह जीवन जिया और मानवता और दिव्यता का सुंदर संतुलन बनाए रखा। इसी वजह से उन्हें 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहा जाता है।

यह भी पढ़ें: Ramayana Teaser: 'रामायण' के टीजर में राम के साथ क्यों नहीं दिखे हनुमान, जानें क्या है पूरा मामला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें