फिल्म में कैसे दिखाई गई उनकी कहानी?
फिल्म में उनका नाम आतिफ अहमद दिया गया है और मूवी में उनका बहुत अहम किरदार है। फिल्म में नोटबंदी और फर्जी नोट के नेटवर्क से कैसे अतीक अहमद जुड़े हुए थे, इस बारे में बताया गया है।
फिल्म ‘धुरंधर 2’ में दिखाया गया है कि कैसे अतीक अहमद जेल में रहते हुए भी अपना पूरा नेटवर्क चलाते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कथित फेक मनी (नकली नोट) का नेटवर्क, आतंक से जुड़े रिश्ते और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन उनकी ताकत की असली वजह थे।
एक डायलॉग कहा जाता है- ‘जब तक अतीक अहमद है, जेल में या बाहर… वो सब संभाल लेगा।’ इस डायलॉग से आप अतीक अहमद की पर्सनालिटी को समझ सकते हैं। इस नजरिए से अतीक अहमद की कहानी एक लोकल गैंगस्टर की नहीं, बल्कि एक बड़े ‘बाहुबली’ की कहानी बन जाती है।
अब फैंस आदित्य धर की इस डिटेलिंग की काफी तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने कितनी बारीकी से रियल लाइफ इवेंट को फिल्म में दर्शाया है।
कैसे हुई अतीक अहमद की मौत?
15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में मेडिकल के लिए ले जाते वक्त, अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ को कैमरों के सामने ही गोली मार दी गई। हमलावर पत्रकार बनकर आए थे और कुछ ही सेकंड में सब खत्म हो गया।
फिल्म धुरंधर इस पूरे मामले को सिर्फ एक क्राइम स्टोरी के रूप में नहीं दिखाती, बल्कि यह समझाने की कोशिश करती है कि आखिर अतीक अहमद इतना बड़ा नाम कैसे बना और उनके मारे जाने के पीछे असली वजह क्या हो सकती है।