एक किताब के विमोचन के दौरान उन्होंने कहा कि देश को नकली धर्मनिरपेक्षता से मुक्त करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि दुनिया में दो तरह की आस्था प्रणालियां हैं जिनमें से एक ओपन सोर्स आस्था प्रणाली है जहां कोई अपने ईश्वर की कल्पना किसी भी तरह से कर सकता है। इस प्रणाली में अगर आप भगवान में विश्वसा नहीं करते तो भी कोई समस्या नहीं है।
शायद, भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने इस प्रणाली का अनुसरण किया है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि आप दूसरे देशों से उत्पीड़ित लोगों को भारत आते हुए पाते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर में आए आक्रमणकारियों को उनके ही देश में सताया गया और उन्होंने हमारे यहां शरण ली। हमनें उन्हें अपने देश में शरण दी, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने हमें धोखा दिया और कश्मीर में लोगों को लूटना और उनका धर्मांतरण करना शुरू कर दिया।
उन्होंने आगे दावा किया कि भारत मानवता के इतिहास में एकमात्र देश है जो दुनिया के सभी धर्मों का पोषण करता है जबकि दुनिया के अन्य सभी समाजों ने अन्य धर्मों को नष्ट ही किया है। उन्होंने आगे कहा कि कल्पना करें कि शिंडलर्स लिस्ट बनाने की वजह से स्टीवन स्पीलवर्ग को धमकियों का सामना करना पड़ रहा होता। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। हालांकि हमारे देश में अज्ञानता की वजह से ऐसा होता है।