फैसले को पढ़ रहे निर्देशक
यह बताते हुए कि यह केस उन्हें क्यों आकर्षित कर रहा है, उन्होंने कहा, 'जैसा कि कहा जाता है, असली बात बारीकियों में छिपी होती है। आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि लोग 500 से ज्यादा पेज के कोर्ट के फैसले की थकाऊ और नीरस कानूनी भाषा को पढ़ेंगे? मैंने हर छोटी-छोटी बात को देखा है। मैंने फैसला कई बार पढ़ा है और अभी भी इसे समझने की कोशिश कर रहा हूं। यह समाज के लिए बहुत अहम केस है।'
क्या है तरुण तेजपाल का केस?
तरुण तेजपाल का केस भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले क्रिमिनल मुकदमों में से एक रहा है। तेजपाल को 2013 में गिरफ्तार किया गया था, जब उनकी एक जूनियर सहयोगी ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 2021 में गोवा की सेशंस कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी।