इंडिपेंडेंट सिनेमा को छोड़ दिया
विनता नंदा ने अपने सोशल मीडिया अकांउट पर अनुराग कश्यप को लेकर एक लंबी पोस्ट लिखी है। वह इस पोस्ट में लिखती हैं- ‘साल 2004- 2005 में जब इंडिपेंडेंट सिनेमा का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने का समय आया तो अनुराग कश्यप और कंपनी ने खुद को बड़े स्टूडियो को बेच दिया। बड़े सितारों के साथ काम करने और अमीर बनने की उनकी महत्वकांक्षा के कारण उन्होंने इंडिपेंडेंट सिनेमा को छोड़ दिया।’
अनुराग की अमीर बनने की चाह
विनता नंदा आगे अपनी पोस्ट में लिखती हैं, ‘अब अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें बॉलीवुड से नफरत है और वे मुंबई छोड़ना चाहते हैं। सच में? तो मैं उन्हें बता दूं कि अगर आपने मुनाफे के लिए, एसयूवी और 7 फुट लंबे बॉडी गॉर्ड हासिल करने के लिए इंडिपेंडेंट सिनेमा नहीं बेचा होता तो यह बकवास बोलने की जरूरत नहीं पड़ती। हम फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ और उन सितारों के साथ अनुराग की मुलाकात को कैसे भूल सकते हैं, जिनके साथ आपका काम कभी नहीं जुड़ पाया।’ अनुराग कश्यप ने फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ में करण जौहर प्रोडक्शन के साथ हाथ मिलाया था और रणबीर कपूर को डायरेक्ट किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई।
अनुराग ने किया साउथ का रूख
अनुराग कश्यप की बॉलीवुड को लेकर नाराजगी इसलिए है क्योंकि उन्हें अपनी पसंद का सिनेमा बनाने का मौका नहीं मिल रहा है। यही कारण उन्होंने साउथ फिल्मों का रूख किया है। वह वहां कई फिल्मों में विलेन के रोल में नजर आ चुके हैं। अनुराग के अभिनय को साउथ फिल्म इंडस्ट्री में सराहा भी जा रहा है। इसी वजह से वह मुंबई छोड़कर साउथ इंडिया में बस जाने का मन बना रहे हैं। लेकिन विनता नंदा की बात से लगता है कि बॉलीवुड को खरी-खोटी सुनाने की बजाय अनुराग को खुद के फैसलों पर भी गौर करना चाहिए।