विंदू दारा सिंह जब कुश्ती के अखाड़े और अभिनय की दुनिया में कुछ खास हासिल नहीं कर पाए तो उनके पिता दारा सिंह ने इसका जरा भी बुरा नहीं माना।
दारा सिंह अपने बेटे से कहा करते थे कि कोई ऐसा काम नहीं करना जिससे कि उनका (दारा सिंह का) नाम खराब हो।
वह ऐसे विरले लोगों में से थे जो दो भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में सफल रहे थे। वह पुराने दौर के आदमी थे इसलिए मान सम्मान के प्रति कुछ ज्यादा ही सतर्क थे।
यह अच्छा ही हुआ कि विंदू तब गिरफ्तार हुए जब दारा सिंह दुनिया में नहीं हैं, वरना उन्हें बहुत दुख होता।
पिता के चलते विंदू को बॉलीवुड में हमेशा ही तवज्जो दी गई। बॉलीवुड स्टार्स अपनी फिल्मों में उन्हें छोटे-मोटे रोल दे दिया करते थे। निर्माता साजिद नाडियाडवाला और साजिद खान तो अपनी फिल्मों के लिए विंदू को लकी मानते हैं।
सलमान खान, अक्षय कुमार और अजय देवगन की भी कुछ फिल्मों में विंदू नजर आए। विंदू को उनके पिता दारा सिंह ही फिल्मों में लाए और 1994 में बतौर हीरो करण फिल्म में लांच किया। यह फिल्म पिट गई।
एक प्रतिष्ठित और सफल इंसान की संतान के सामने कई चुनौतियां होती हैं। मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब संतान पिता की तुलना में बेहद पीछे रहे। हालांकि विंदू सबसे बड़े प्यार से मिलते रहे।
यही वजह है कि बॉलीवुड में उनकी इमेज एक हंसमुख और जिंदादिल इंसान के रूप में रही। बॉलीवुड अभिनेत्री फरहा से उन्होंने तलाक लेकर रशियन महिला डीना से शादी की और तब से उनका वैवाहिक जीवन खुशहाल है।
बिग बॉस के विजेता बनने के बाद उनका नाम अब अन्य कारणों से सुर्खियों में है।
विंदू की प्रमुख फिल्में हैं- करण (1994), कमबख्त इश्क (2009), पार्टनर (2009), हाउसफुल (2010), हाउसफुल-2 (2012), सन ऑफ सरदार (2012), हिम्मतवाला (2013)।