जाने माने निर्देशक बिमल रॉय को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए सम्मानित करते हुए ‘कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ (केआईएफएफ) के ‘ग्रेट मास्टर सेक्शन’ में उनकी पांच फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा।
रनोत्तमा सेनगुप्ता ने इस बात की जानकारी देते हुए पत्रकारों को बताया कि रॉय की चयनित फिल्में भारत के राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार द्वारा डिजिटल रूप से संग्रहित की गई क्लासिक फिल्मों के एक समूह का हिस्सा हैं।
फिल्मोत्सव में प्रदर्शित की जाने वाली रॉय की फिल्में पहला आदमी (1950), मां (1952), यहूदी (1958), दो बीघा जमीन (1953) और सुजाता (1959) हैं।