'यह जिम्मेदारी का एहसास भी है'
विक्रांत मैसी ने कहा, 'पुरस्कार का एलान हुआ तो वह शानदार पल था। जैसा कि मैंने कहा कि थोड़ा बिजी था, लेकिन जैसे ही मैं घर वापस पहुंचा, कुछ दिनों के बाद यह सब मेरे अंदर उतरने लगा। मुझे एहसास हुआ कि यह सचमुच हुआ है। दरअसल, यह एक सपना है, जो साकार हुआ है। जब मैं 2021 में एक टीवी शो पर काम कर रहा था, उसकी शूटिंग के लिए बड़ौदा से निकल रहा था, तो मैंने इस सपने को संजोना शुरू कर दिया। सपने को साकार करना मेरे लिए एक गजब का एहसास है, लेकिन यह जिम्मेदारी का एहसास भी है। अपने काम को बेहतर बनाना, आम आदमी का प्रतिनिधित्व करना, बेजुबानों की आवाज बनना और इसके जरिए दर्शकों का मनोरंजन करना, उन्हें जानकारी देना और प्रेरित करना। यह सब जिम्मेदारी हैं'।
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शाहरुख खान और रानी मुखर्जी से मिली प्रेरणा
विक्रांत से जब पूछा गया कि अवॉर्ड सेरेमनी से एक पल काफी वायरल हुआ है, जिसमें आप, रानी मुखर्जी और शाहरुख खान एक-दूसरे को मेडल पहनाने में मदद कर रहे हैं। वह बच्चों जैसा मूमेंट है। आप क्या कहेंगे? इस पर विक्रांत ने हंसते हुए कहा, 'बिल्कुल सही। वह बच्चों सरीखा ही पल था।' रानी मैम और शाहरुख सर ने इतनी सफलता के बाद भी अपनी उस क्वालिटी को बरकरार रखा है। यह प्रेरणा देने वाली बात है। शाहरुख वापस आए और उन्होंने कहा, 'मैं तो यह पहन रहा हूं। और हम दोनों ने कहा, 'हां, हमें भी पहनना है, पर पहन लें?' फिर उन्होंने कहा, 'हां पहनते हैं क्यों नहीं?' हम बस एक-दूसरे की मदद करने लगे। उस पल को जीने लगे'।