#MeToo अभियान के तहत फिल्म क्वीन के निर्देशक विकास बहल पर यौन शोषण का आरोप लगा था। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। महिला ने अपने एफिडेविट में कहा कि वो अपने आरोपों पर कायम है। महिला ने आगे कहा कि उसने अनुराग कश्यप को बताया था कि लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं किया।
विकास बहल ने अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी और तीन मीडिया संस्थानों पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केस किया था। बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान महिला ने कहा कि 'अगर हमारी बात पर भरोसा नहीं किया जाता तो ये हमें हुए नुकसान का अपमान है। यह गंभीर आरोप है और मैं इस पर कायम हूं।'
कोर्ट की सुनवाई के दौरान अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी अपने वकील जनक द्वारकादास के द्वारा अपना पक्ष रख चुके हैं। आपको बता दें कि प्रोड्क्शन हाउस फैंटम फिल्म्स में काम करने वाली एक महिला ने निर्देशक विकास बहल पर साल 2015 में यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि एक पार्टी के दौरान विकास बहल ने उसका यौन शोषण किया था।
बता दें कि फैंटम फिल्म्स (जो कि अब बंद हो गया है) में काम करने वाली एक महिला ने विकास बहल पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं फिल्म क्वीन की अभिनेत्री कंगना रनौत और नयनी दीक्षित ने भी विकास बहल की गंदी हरकतों का खुलासा किया था। इसके बाद फैंटम फिल्म्स के साझेदार अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी ने विकास बहल के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिए बयानबाजी शुरू कर दी और पीड़ित महिलाओं के आरोपों को सही ठहराया था।
विकास ने अनुराग और मोटवानी पर यह कहते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था कि वह दोनों बिना किसी आधार के उन पर आरोप लगा रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।