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कोर्ट ने पूजा एंटरटेनमेंट को प्रदान की अंतरिम सुरक्षा, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा का था मामला

Wed, 13 May 2026 10:08 AM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Intellectual Property Rights: इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स यानी बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा मामले में पूजा एंटरटेनमेंट को बड़ी जीत मिली है। जानिए क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने मामले में क्या कुछ कहा…
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वासु भगनानी और जैकी भगनानी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बौद्धिक संपदा अधिकार यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स मामले में पूजा एंटरटेनमेंट लिमिटेड इंडिया को एक बड़ी जीत मिली है। यह जीत पूजा एंटरटेनमेंट को टिप्स म्यूजिक लिमिटेड और अन्य पक्षों के खिलाफ शुरू की गई बॉलीवुड की कुछ सबसे चर्चित फिल्मों और म्यूजिक से जुड़ी राइट्स व पेंटेंट के कमर्शियल दुरुपयोग और गलत तरीके से फायदा उठाने के मामले में हासिल हुई है। कटिहार की सिविल कोर्ट ने इस मामले में पूजा एंटरटेनमेंट को अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी है। 

इन फिल्मों से जुड़ा है मामला

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पूजा एंटरटेनमेंट का स्वामित्व निर्माता वासु भगनानी और उनके बेटे व अभिनेता-निर्माता जैकी भगनानी के पास है। यह मामला पूजा एंटरटेनमेंट बैनर के तहत बनी कई बड़ी फिल्मों से जुड़ा है। इनमें ‘कुली नंबर 1’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘तेरा जादू चल गया’ और ‘मुझे कुछ कहना है’ से जुड़ा है। इसके अलावा प्रोडक्शन हाउस की आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ भी इसमें शामिल है।

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कोर्ट ने कही ये बात
पूजा एंटरटेनमेंट के अनुसार, कंपनी ने तब कोर्ट का रुख किया, जब उन्हें पता चला कि स्ट्रीमिंग, प्रसारण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और संबंधित कमर्शियल चैनलों सहित कई मीडियम से उनकी फिल्मों, संगीत और साउंड रिकॉर्डिंग्स का लगातार गलत तरीके से इस्तेमाल, मोनेटाइजेशन कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए एक विस्तृत आदेश भी पारित किया।

इसमें सभी पक्षों को विवादित फिल्मों, संगीत कैटलॉग और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के संबंध में मौजूदा स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया। न्यायालय ने माना कि तुरंत सुरक्षा प्रदान न करने से पूजा एंटरटेनमेंट के स्वामित्व और अधिकारों का नुकसान होगा। इस आदेश से कई साल से प्रोड्यूसर्स के अधिकारों के हो रहे हनन से रहत मिलेगी। इसीलिए पूजा एंटरटेनमेंट ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

कंपनी ने कहा कई साल की चुप्पी पर अब मिला इंसाफ
कंपनी का कहना है कि इस तरह की प्रथाओं पर कई साल की चुप्पी के बाद इस आदेश ने आखिरकार उन बेईमान और गैरकानूनी शोषण तकनीकों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया है। ये एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के मामले में एक बड़ा फैसला है।

यह फैसला अब क्रिएटिव प्रॉपर्टीज के उल्लंघन और गलत तरीके के इस्तेमाल व शोषण के खिलाफ एक सशक्त मिसाल और कड़ी चेतावनी के रूप में काम करेगा। क्योंकि इस आदेश के बाद प्रोड्यूसर के अधिकार लागू करने योग्य हैं। अब इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही मूल रचनात्मक काम की अखंडता फिल्म इंडस्ट्री के लिए सबसे ऊपर है।

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