अपनी कंटेंट कंपनी टिपिंग फिल्म्स की दो बड़ी वेब सीरीज जामताड़ा और ताजमहल 1989 का प्रसारण नेटफ्लिक्स पर करने के बाद वायकॉम 18 अब अपना खुद का नया ओटीटी लॉन्च करने जा रहा है। वायकॉम 18 का पहले से चला आ रहा ओटीटी ऐप वूट ज्यादा कामयाब नहीं रहा और इसकी गिनती देश में उपलब्ध ओटीटी में आखिरी नंबर पर होती है। लेकिन अब वायकॉम 18 'वूट सेलेक्ट' नाम का नया ओटीटी ऐप लेकर आ रहा है। ये ऐप ग्राहकों को एक तय राशि के भुगतान पर उपलब्ध होगा।
वूट ने अपने बूते पर जामताड़ा और ताजमहल 1989 जैसे बड़े शोज की रचना तो कर ली लेकिन इनके वितरण के लिए उन्हें नेटफ्लिक्स जैसे बड़े प्लेटफॉर्म का सहारा लेना पड़ा। विडूली के सर्वे के अनुसार दुनियाभर में अमेजॉन प्राइम और नेटफ्लिक्स के सबसे ज्यादा देखने वाले हैं, जबकि वूट को भारत में ही कोई नहीं पूछता। अब अपनी पहुंच को बढ़ाने और दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए वायाकॉम 18 ने ये 'वूट सेलेक्ट' वाला दांव खेला है।
वायाकॉम 18 के पहले से ही भारत में चल रहे ऐप वूट की गिनती सबसे पुछल्ले ओटीटी प्लेटफॉर्मों में की जाती है। ऑल्ट बालाजी, जी5, एमएक्स प्लेयर, यहां तक कि एयरटेल एक्सट्रीम भी वूट से चार गुना आगे हैं। जब टीवी पर सलमान खान का शो बिग बॉस अपने चरम पर होता है, तब वूट के उपयोगकर्ताओं में कुछ बढ़ोत्तरी दर्ज की जाती है। लेकिन फिर भी अगर इसका औसत निकाला जाए, तो वूट सिर्फ 'विऊ' और 'शेमारू मी' जैसे सूक्ष्म ओटीटियों की बराबरी कर पाता है।
वूट के बाद अब वायाकॉम 18 ने 'वूट सेलेक्ट' को लेकर अपना नया दांव खेला है, जिसमें वह उपभोक्ताओं के लिए तय राशि पर मनोरंजन प्रदान करेंगे। फर्म के कर्ता-धर्ताओं ने ऐप के रिलीज होने की तारीख 3 मार्च सुनिश्चित की है, और शायद उसी दिन इसके टैरिफ प्लानों की भी घोषणा की जाएगी। जब बात पैसे की आती है तो 24 से 34 साल के बीच के लोग ही इन माध्यमों के लिए पैसे खर्च करते हैं, और इन्हीं से आमदनी कम होती है। इसके सब्सक्राइबर के माध्यम से नॉन सब्सक्राइबर लोग इसका ज्यादा फायदा उठाते हैं, और ऐप पर ट्रैफिक बढ़ाने का काम भी यही करते हैं। एक तरह से देखा जाए तो इन प्लेटफॉर्मों के कमाऊ जरिए ये नॉन सब्सक्राइबर 13% लोग ही हैं। ऐसे में वूट सेलेक्ट अपनी दुकान कितनी मजबूती से शुरू करता है, ये तो वक्त और निर्माताओं की मेहनत पर निर्भर है।
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