मशहूर कार्टूनिस्ट केसी शिव शंकर का चेन्नई में निधन हो गया। वह 97 साल के थे। उन्हें चंदा मामा के नाम से भी जाना जाता है। विक्रम बेताल की कहानियों को चंदामामा मैगजीन में चित्रित करने के बाद उन्हें देशभर में एक अलग पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने कई कार्टून्स को चित्रित किया था।
उन्होंने 50 से अधिक वर्षों तक कला के क्षेत्र में योगदान दिया। जैसे ही यह दुख खबर सामने आई सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाने लगी। किसी ने अपने बचपन के दिनों को याद किया तो किसी ने कहा चंदामामा मैगजीन उनकी जिंदगी का हिस्सा हुआ करती थी। 60 के दशक से लेकर 90 के दशक तक करीब- करीब हर कोई यह मैगजीन पढ़कर बड़ा हुआ है।
शिव शंकर का जन्म 1927 में हुआ था। साल 1934 में, वह अपनी मां और भाई-बहनों के साथ चेन्नई चले गए, जहां उन्होंने स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बहुत छोटी सी उम्र में ही उन्होंने अपनी कलाकारी से स्कूल के शिक्षकों का दिल जीत लिया।
चंदामामा बच्चों व युवाओं पर केंद्रित एक लोकप्रिय मासिक पत्रिका थी जिसमें भारतीय लोककथाओं, पौराणिक तथा एतिहासिक घटनाओं पर आधारित कहानियां प्रकाशित होती थीं।