‘इक्कीस’ की रिलीज से पहले इसके डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने फिल्म काे लेकर कई बातें साझा की हैं। हालिया दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वरुण धवन भी फिल्म में लीड रोल निभाने के लिए एक्साइटेड थे लेकिन एक वजह से उनका सेलेक्शन नहीं हुआ। साथ ही डायरेक्टर ने यह भी बताया कि लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के रोल में अगस्त्य नंदा को ही क्यों कास्ट किया गया।
इस वजह से रिजेक्ट हुए वरुण धवन
हाल ही में ‘द हिंदू’ को दिए इंटरव्यू में श्रीराम राघवन कहते हैं, ‘वरुण धवन फिल्म ‘इक्कीस’ के लिए एक्साइटेड थे। हमने इस पर काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन जब तक शुरुआती स्क्रिप्टिंग पूरी हुई, कोविड आ गया और प्लान बदल गए। जैसे-जैसे स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, हमें अहसास हुआ कि कहानी के लिए एक्टर की उम्र एक अहम फैक्टर है। कुछ सीन में लीड कैरेक्टर अरुण खेत्रपाल सिर्फ 19 साल के हैं। ऐसे में हमें फिल्म की कहानी के लिए एक नए चेहरे की जरूरत थी।’
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क्यों चुने गए अगस्त्य नंदा?
डायरेक्टर श्रीराम राघवन बताते हैं कि जब अगस्त्य नंदा को कास्ट किया गया था, तब वह 21 साल के थे, जिससे वह रोल के लिए ज्यादा सही लगे। साथ ही डायरेक्टर ने कहा कि अगस्त्य नंदा में एक और खासियत थी, जिसे वजह से वह सेलेक्ट हुए। श्रीराम राघवन कहते हैं, ‘मुझे उनकी आंखों में मासूमियत दिखती थी।’
क्या है फिल्म ‘इक्कीस’ की कहानी
फिल्म ‘इक्कीस’ की कहानी एक यंग आर्मी ऑफिसर अरुण खेतरपाल की है। महज 21 साल की उम्र में देश के लिए इस सैन्य अधिकारी ने बलिदान दिया था। फिल्म में अभिनेता धर्मेंद्र ने आर्मी ऑफिसर के पिता का किरदार निभाया। यह दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म है।