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विशेष : यश चोपड़ा के शागिर्द फरहान अख्तर की ये हैं अनसुनी कहानियां, मां की फिल्म से शुरू किया था काम

Thu, 09 Jan 2020 12:16 PM IST
गौरव पाण्डेय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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फरहान अख्तर - फोटो : अमर उजाला
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फरहान अख्तर हिंदी फिल्म जगत के बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकारों में एक हैं। अभिनय, निर्देशन, फिल्म निर्माण, लेखन, गायन, एंकरिंग से लेकर उन्होंने जिस भी क्षेत्र को हाथ लगाया वहां अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। इंडस्ट्री में 29 वर्ष पूरे कर चुके फरहान नौ जनवरी को अपना 46वां जन्मदिन मनाएंगे। इस खास अवसर पर हम आपको फरहान के करियर से जुड़े कुछ दिलचस्प पहलुओं से रूबरू करवाने जा रहे हैं।
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यश चोपड़ा - फोटो : अमर उजाला

हुनरमंद उस्तादों के काबिल शागिर्द

फरहान अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत दिग्गज फिल्मकार यश चोपड़ा की 1991 में रिलीज हुई फिल्म 'लम्हे' में सहायक निर्देशक के तौर पर की। इस फिल्म की लेखक थीं फरहान की मां और लेखक जावेद अख्तर की पहली पत्नी हनी ईरानी। इसे यश चोपड़ा की बेहतरीन फिल्मों में शुमार किया जाता है। 'लम्हे' के बाद फरहान ने निर्देशक पंकज पराशर के साथ 1997 में फिल्म 'हिमालय पुत्र' में सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया।
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'दिल चाहता है' फिल्म का एक दृश्य

ट्रेंड सेटर निर्देशक

फरहान अख्तर ने साल 2001 में रितेश सिधवानी के साथ मिलकर एक्सेल एंटरटेनमेंट नाम की कंपनी बनाई और इसी कंपनी के लिए अपनी पहली फिल्म निर्देशित की, 'दिल चाहता है'। हिंदी सिनेमा में क्लासिक ट्रेंडसेटर फिल्मों से एक इस फिल्म में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ने मुख्य किरदार किए। फरहान की इस पहली ही फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ पटकथा और सर्वश्रेष्ठ फिल्म (क्रिटिक्स) के फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए। फरहान का नाम इनके अलावा ऋतिक रोशन की फिल्म लक्ष्य और शाहरुख खान की फिल्में डॉन व डॉन 2 जैसी चर्चित हिट फिल्में भी बतौर निर्देशक शुमार हैं।

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रॉक ऑन-2

विरासत में पाए गीत

यह कहना गलत नहीं होगा कि फरहान अख्तर को गीत और उसकी समझ विरासत में मिली है। उनके पिता जावेद अख्तर से लेकर उनके दादा जां निसार अख्तर भी मशहूर शायर, गीतकार और कवि थे। सिर्फ इतना ही नहीं जां निसार से पहले की तीन पीढ़ियां भी उर्दू शायरी और लेखन में बड़े नाम रही हैं। फरहान अख्तर ने इंडस्ट्री में पैर जमाने के बाद फिल्म 'रॉक ऑन' से खुद को गायक के तौर पर पेश किया। फरहान उसके बाद से लगातार कुछ न कुछ लिखते रहे हैं।
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जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला

सुरों के शहजादे

फरहान अख्तर लिखने के अलावा गाते भी हैं। उनके गाए गीत काफी हिट भी रहे हैं। 'रॉक ऑन' और 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' जैसी फिल्मों के गाने तो अब भी हिट प्ले लिस्ट पर सुनाई देते रहते हैं। रॉक ऑन के गानों- सोचा है, पिछले सात दिनों में, रॉक ऑन, तुम हो तो और जिंदगी ना मिलेगी दोबारा के गानों सेनोरिटा, तो जिंदगी हो तुम के साथ ही फिल्म शादी के साइड इफेक्ट के गानों यहां-वहां, बावला सा सपना, आहिस्ता-आहिस्ता, दिल धड़कने दो के गानों दिल धड़कने दो, गल्लां गूड़ियां के साथ साथ फिल्म वजीर के गाने अतरंगी यारी में भी उनकी आवाज सुनाई दी। हालांकि यही आवाज फिल्म रॉक ऑन 2 में अपना करिश्मा दोहरा नहीं पाई।
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हीरों के जौहरी

फरहान अख्तर एक निर्माता के तौर पर तो बेहद कामयाब रहे ही हैं, उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए इंडस्ट्री को कई नगीने भी दिए हैं। 'फुकरे' के वरुण शर्मा और 'गली बॉय' के सिद्धांत चतुर्वेदी को फरहान की बनाई फिल्मों से ही शोहरत मिली।
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'भाग मिल्खा भाग' में फरहान अख्तर - फोटो : अमर उजाला

कैमरे के सामने के कमाल

फरहान अख्तर ने निर्देशन और निर्माण में हाथ आजमाने के साथ फिल्म 'रॉक ऑन' से पहली बार अभिनेता के तौर पर डेब्यू किया। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग से लेकर गायकी सभी अव्वल दर्जे की थी। फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' में उनके काम को बेहद सराहना मिली। इस फिल्म के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार अपने नाम किया था। इस फिल्म के बाद साल 2013 में फरहान 'भाग मिल्खा भाग' में नजर आए और दर्शकों के दिलोदिमाग पर छा गए। अब फरहान के चाहने वाले बेसब्री से फिल्म तूफान का इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म में वह एक राष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज का किरदार निभा रहे हैं।
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