नब्बे के दशक की कई हिट फिल्मों को याद करें तो यह मानने में हमें जरा भी हिचकिचाहट नहीं होगी कि उनके हीरो दरअसल उदित नारायण थे। लोगों को मधुर गीत-संगीत के कारण फिल्में पसंद आती थीं। इन फिल्मों की रिपीट वैल्यू थी और दर्शक बार-बार ऐसी फिल्में इनके गीतों की वजह से देखते थे।
याद कीजिए 'कयामत से कयामत तक' फिल्म का 'ऐ मेरे हमसफर' या 'पापा कहते हैँ' जैसे गानों का सुरुर। फिल्मों से ज्यादा यह गाने चले। आज भी हर एफएम रेडियो पर 90 का यह दौर याद किया जा रहा है। 'दिल', 'आशिकी', 'फूल और कांटे', 'बेटा' 'चमत्कार', 'जो जीता वो सिंकदर' जैसी फिल्में कतार के साथ खड़ी हैं जिनकी हिट होने में उदित नारायण के
गानों की भूमिका रही है। 'जो जीता वही सिंकदर' फिल्म का गाना 'पहला नशा' दोबारा उस तरह से न तो गाया जा सका है और न ही फिल्माया।
90 की दशक की हर हिट फिल्म में उदित नारायण का संगीत रहा। 2000 के बाद जब एकदम से गायकों की भीड़ बढ़ी तब भी उदित अपनी उम्दा आवाज और एक लंबी रेंज की वजह से संगीतकारों के चहेते रहे। 'राजा हिन्दुस्तानी', 'कसूर', 'वीरजारा', 'चलते-चलते', 'एतराज', 'हम-तुम', 'मुझसे शादी करोगी' से बढ़ता हुआ यह सिलसिला 'विवाह', 'टशन' और 'ब्लू' जैसी फिल्मों में भी आगे बढ़ा।
अब उदित चुनिंदा फिल्मों में ही गा रहे हैं। 2012 में उन्होंने 'जोकर', 'स्टूडेंट्स ऑफ द ईयर' और 'अग्निपथ' जैसी फिल्मों को आवाज दी। मूल रूप से नेपाल के उदित नारायण ने हिंदी के अलावा तेलुगू और तमिल फिल्मों के लिए गाने गाए हैं।
उदित नारायण ने अपने समय के हर हिट संगीतकार के साथ जोड़ी बनाई है। उनकी फिल्मी यात्रा राजेश रोशन के साथ शुरू हुई। आरडी वर्मन, आनंद मिलन, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, नदीम श्रवण, जतिन ललित, एआर रहमान, अन्नू मलिक, उत्तम सिंह, हीमेश रेशमिया, शंकर अहसान लॉय, आदेश श्रीवास्तव, मदन मोहन, साजिद-वाजिद और विशाल शेखर जैसे
संगीताकरों के साथ उन्होंने सफल संगत की।
हर संगीतकार ने अपनी हर बड़ी फिल्म में उदित से कोई न कोई गाना जरूर गवाया है। 56 साल के हो गए उदित नारायण आज भी 26 साल के नायकों को अपनी आवाज दे रहे हैं।