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मात्र 33 हजार रुपए में बना डाली फिल्म, 'तुम्बाड' फेम डायरेक्टर का नया कारनामा; ट्रेलर देखकर कांप जाएगी रूह

Sat, 14 Mar 2026 11:56 AM IST
Poonam Kandari एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Anil Barve Upcoming Movie Mann Pishach: बॉलीवुड में 500 करोड़ रुपये के बजट में फिल्में बनती हैं लेकिन फिल्म ‘तुम्बाड़’ फेम डायरेक्टर अनिल राही बर्वे ने अपनी नई फिल्म सिर्फ 33 हजार रुपये में बनाई। फिल्म का ट्रेलर भी रोंगटे खड़े करने वाला है। जानिए, इतने कम बजट में यह फिल्म कैसी बनी।
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बहुत कम बजट में बनी फिल्म 'मन पिशाच' - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनिल राही बर्वे ने बहुत कम बजट में फिल्म ‘तुम्बाड़’ बनाई थी, इसे दर्शकों ने खूब सराहा। यह हॉरर जॉनर में एक कल्ट मूवी बन गई। हाल ही में उनकी एक फिल्म ‘मयसभा’ भी आई थी। अब डायरेक्टर ने नया कारनामा किया है, उन्होंने 33 हजार में अपनी अगली फिल्म 'मन पिशाच' बनाई है। फिल्म का ट्रेलर भी सामने आ चुका है। देखिए, फिल्म का ट्रेलर? और जानिए यह कैसे इतने कम बजट में बनी?

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ट्रेलर देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे 
डायरेक्टर अनिल राही बर्वे ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म मन पिशाच‘ का ट्रेलर और इसकी मेकिंग से जुड़ी जानकारी साझा की है। यह एक हॉरर फिल्म है। फिल्म में एक व्यक्ति किसी पुराने मंदिर की खोज में है लेकिन इस यात्रा में उसका सामना खतरनाक चीजों से होता है। पिशाच और भूत हर तरफ ट्रेलर में दिखते हैं। सीन्स बहुत ही डरावने हैं, इन्हें देखकर रूह कांप जाएगी।

 

 

कैसे बनी 33 हजार में पूरी फिल्म? 
अपनी फिल्म का ट्रेलर शेयर करने के साथ ही डायरेक्टर ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने यह हॉरर फिल्म बनाई है? वह अपनी पोस्ट में लिखते हैं, ‘80 मिनट की यह फिल्म घर के पीसी पर बनाई गई है, इसमें दो कलाकारों यानिया भारद्वाज और दीपक दामले है। फोन पर एक्टर्स की परफॉर्मेंस रिकॉर्ड की गई, 60 पन्नों की कहानी लिखी गई। हाथ से बने स्टोरीबोर्ड, फोटोशॉप, जनरेटिव एआई टूल्स और ऑफ्टर इफेक्ट का इस्तेमाल करके फिल्म को बनाया गया है।’ इस पोस्ट में अनिल बर्वे बताते हैं कि बताते हैं कि फिल्म बनाने की कुल लागत 33 हजार रुपये है। 

क्यों किया फिल्म को लेकर ऐसा एक्सपीरिमेंट?

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आगे पोस्ट में डायरेक्टर अनिल राही बर्वे ने लिखा, ‘इस एक्सपेरिमेंट के पीछे एक सवाल था। क्या एक आर्थिक रूप से कमजोर फिल्ममेकर अकेले दम पर एक पूरी फिल्म बना सकता है? इसके लिए बस कल्पना शक्ति, कुछ बुनियादी टूल्स, सब्र और एक जिद भरा जुनून चाहिए था। अगर इस फिल्म को देखकर कोई एक भी स्ट्रगल करता हुआ एक्टर इंस्पायर हुआ तो यह एक्सपेरिमेंट सफल होगा।’  

 

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