डेब्यू फिल्म को लेकर शनाया की राय
पहले शनाया धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्म 'बेधड़क' से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली थीं, लेकिन वो प्रोजेक्ट रुक गया। बाद में उन्होंने विक्रांत मैसी के साथ रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'आंखों की गुस्ताखियां' से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया। शनया ने हाल ही में 'स्क्रीन' को दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर की शुरुआत के बारे में बात की और कहा कि वो खुश हैं कि चीजें ऐसे ही हुईं। उस अनुभव ने उन्हें एक बेहतर अभिनेत्री बनने में बहुत मदद की है।
'बेधड़क' रुकने पर कैसा हुआ महसूस
शनाया ने कहा, 'हर चीज किसी न किसी कारण से होती है। जो होना होता है, वही होता है। अब पीछे मुड़कर देखती हूं तो गर्व महसूस होता है। इन सबने मुझे आज का इंसान बनाया है। (बेधड़क) प्रोजेक्ट्स रुकने से मुझे और मेहनत करने की प्रेरणा मिली।'
हमेशा मानती हैं पिता की सलाह
शनाया ने बताया कि उनके पिता संजय कपूर हमेशा उन्हें सलाह देते थे कि परिस्थितियों की चिंता मत करो, बस अपने काम पर फोकस करो। अगर फिल्म नहीं मिल रही तो कोई सीन चुनकर प्रैक्टिस करो। उन्होंने कहा कि कुछ चीजें हमारे बस में नहीं होतीं, उनकी चिंता बेकार है। बस काम करते रहो और खुद को बेहतर बनाते रहो।
तू या मैं
इन दिनों शनया 'तू या मैं' में नजर आ रही हैं। इस फिल्म में उनके साथ आदर्श गौरव हैं। यह फिल्म बेजॉय नंबियार ने डायरेक्ट की है और आनंद एल राय ने प्रोड्यूस किया है। यह 2018 की थाई फिल्म 'द पूल' का रीमेक है। फिल्म को मिली-जुली समीक्षाएं मिलीं और बॉक्स ऑफिस पर इसने करीब 4 से 5 करोड़ रुपये की कमाई की है।
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