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यह रही फिल्मों में बाथरूम दृश्यों की कहानी

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बॉलीवुड दर्शकों को गुदगुदाने के शार्टकट फॉर्मूले तलाशता रहता है। हाल के दिनों में उसने टॉयलेट ह्यूमर के द्वारा सबको हंसाने की कोशिश की, जिसमें बड़े एक्टर्स ने भी योगदान दिया। लेकिन दर्शकों को बाथरूम के बहाने हंसी पैदा करने वाली बातें ज्यादातर जमी नहीं और इस ह्यूमर की हवा निकल गई।
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बॉक्स ऑफिस पर बढ़िया मसाले की तलाश में बॉलीवुड नई हदें पार करने से नहीं चूकता। फिल्ममेकर्स रोज ऐसे नए नुस्खों की तलाश में रहते हैं जो दर्शकों को हंसा दें, गुदगुदा दें। इसी कड़ी में बॉलीवुड का नया ट्रेंड है टॉयलेट ह्यूमर। हाल ही में एक के बाद एक ऐसी हिंदी फिल्मों की झड़ी लगी जिनमें टॉयलेट ह्यूमर के जरिए गुदगुदी पैदा करने की कोशिश की गई।

बेशरम फिल्म में हुआ प्रयोग

बॉलीवुड के इस नए शार्टकट की सबसे दिलचस्प बात ये है कि ऐसी फिल्में जिनमें टॉयलेट ह्यूमर का इस्तेमाल किया जा रहा है उन्हें टिकट खिड़की पर ज्यादा कामयाबी नहीं मिली, लेकिन फिर भी ट्रेंड है कि रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

रणबीर की कपूर की पिछले साल आई फिल्म ‘बेशरम’ का इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। रणबीर इस फिल्म में टॉयलेट ह्यूमर के जरिए लोगों का मनोरंजन करते नजर आए लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरफ्लॉप रही। फिल्म में रणबीर के माता-पिता नीतू सिंह और रिषी कपूर भी थे। खुद रिषी कपूर ने भी  फिल्म में टॉयलेट ह्यूमर को हवा दी।

फिल्म में दिखाया गया कि उन्हें टॉयलेट में फारिग होने में बड़ा वक्त लगता है और कठिनाई होती है। लेकिन रिषी फिलहाल इस ह्यूमर से इतने खफा हैं कि उन्होंने इस तरह की फिल्मों में काम करने से तौबा कर ली है जिसमें ये शार्टकट मनोरंजन हो। ये तो बात थी कपूर खानदान की।

जय हो में भी यही किस्सा

टॉयलेट ह्यूमर किस कदर ट्रेंड में आ चुका है इसका अंदाजा सलमान खान की फिल्म ‘जय हो’ से लगाया जा सकता है। इस फिल्म में एक चर्चित टॉयलेट चुटकुले का सहारा लेकर दर्शकों को हंसाने की कोशिश की गई।

जिसमें हीरोइन को एक बच्चा और सलमान इसलिए पिंकी कह कर बुलाते हैं कि वह पिंक अंडरगारमेंट पहनती है! लेकिन दर्शकों को मनोरंजन का यह ढंग रास नहीं आया और फिल्म का कलेक्शन सलमान की दूसरी फिल्मों के आसपास भी नहीं फटक सका।

शुद्घ देसी रोमांस में भी यही बाथरूम

यशराज फिल्म्स की परिणति चोपड़ा और सुशांत सिंह राजपूत स्टारर ‘शुध्द देसी रोमांस’ में भी जमकर टॉयलेट ह्यूमर का सहारा लिया गया। मजेदार बात ये थी कि इस फिल्म में भी रिषि कपूर थे। दर्शकों ने इस प्रेम कहानी को सराहा लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत सफलता ही हासिल कर सकी।

यशराज की ही एक अन्य फिल्म ‘गुंडे’ में तो हद हो गई। फिल्म में दोनों हीरो (रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर) की हीरोइन (प्रियंका चोपड़ा) से पहली मुलाकात की टॉयलेट में होती है। ‘शुद्ध देसी रोमांस’ और ‘गुंडे’ तो फिर भी औसत की श्रेणी में रही लेकिन टॉयलेट ह्यूमर से प्रेरित कई दूसरी फिल्मों ने तो बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा।

शादी के साइइ इफेक्ट में भी ऐसे दृश्य

इनमें अभय देओल स्टाटर ‘वन बाय टू’ शामिल है। हाल ही में रिलीज हुई इस फिल्म में अभय और उनकी गर्लफ्रेंड प्रीति देसाई मुख्य भूमिकाओं में थे, लेकिन ये फिल्म दर्शकों को गुदगुदाना तो दूर उन्हें सिनेमाघरों तक खींचने में नाकामयाब साबित हुई। ‘शादी के साइड इफेक्ट्स’ के जरिए दर्शकों को का दिल जीतने आए फरहान अख्तर और विद्या बालन की जोड़ी भी अनलकी साबित हुई।

फिल्म में पुराने हिट टॉयलेट ह्यूमर नुस्खे आजमाने की कोशिश की गई लेकिन फिल्म को दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। डिंपल कपाड़िया की फिल्म ‘व्हाट द फिश’ का भी यही हाल हुआ। नए स्टाइल की इस कॉमेडी फिल्म से वितरकों को उम्मीदें थीं लेकिन दर्शकों ने इस फिल्म को भी सिरे से नकार दिया।
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देल्ही बेली चले थे ऐसे दृश्य

वैसे चुनिंदा मौकों पर टॉयलेट ह्यूमर का फॉर्मूला निर्माता-निर्दशकों के लिए कारगर भी साबित हुआ है। आमिर खान की फिल्म ‘देल्ही बेल्ही’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। फिल्म में फूहड़ मनोरंजन और तमाम गालियां होने के बावजूद फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कारोबार किया बल्कि दर्शकों के बीच अपनी एक खास जगह भी बना ली।

आमिर खान की एक और फिल्म ‘पीपली लाइव’ ने भी टायलेट ह्यूमर होने के बावजूद दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाबी हासिल की थी। टीवी पत्रकारिता और कुछ खास दृश्यों में टॉयलेट ह्यूमर के गठजोड़ ने इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में ला दिया था। फिलहाल आंकड़ों पर नजर डालें तो टायलेट ह्यूमर फ्लॉप है लेकिन निर्देशक अब भी इसे आजमाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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